जयपुर: राजस्थान में पेपर लीक मामले में गहलोत सरकार नकल गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने जा रही है। सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा में GK पेपर लीक मामले में प्रदेश सरकार आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। पेपर लीक करने वाले गैंग पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाया जाएगा। मीडिया रिपोर्टस पर गौर करें तो गहलोत सरकार ने नकल गिरोह पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद डीजीपी उमेश मिश्रा ने कहा कि पेपर लीक गैंग के हर बदमाश के खिलाफ एनएसए लगाया जाएगा। आरोपियों की प्रॉपर्टी सीज होगी।
आरोपियों की मदद करने वालों को भी नहीं छोड़ा जाएगा। पुलिस ने अब तक मामले में 45 स्टूडेंट्स समेत 49 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अंदर पकड़े गए बदमाशों की संपत्ति भी जब्त की जाएगी। जिससे बदमाशों में डर पैदा होगा। इधर, गिरफ्तार किए 45 स्टूडेंट्स में से 43 जालोर जिले के रहने वाले हैं। एक-एक स्टूडेंट बीकानेर और जोधपुर का है। पकड़े गए स्टूडेंट्स में 6 लड़कियां भी शामिल हैं। पुलिस ने आज सभी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से युवतियों को 2 और युवकों को 5 दिन के रिमांड पर भेज दिया है। पकड़े गए स्टूडेंट्स अब कोई भर्ती परीक्षा नहीं दे सकेंगे।

डीजीपी उमेश मिश्रा ने बताया कि गहनता से जांच जारी है। इस नकल में लिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। आरोपियों पर एनएसए के साथ पासा (प्रिवेंटिव ऑफ एंटी सोसियल एक्टिविटी एक्ट) भी लगाया जाएगा। वहीं इनको आर्थिक मदद और शरण देने वालों के खिलाफ भी भी सख्त कार्रवाई होगी। बता दें कि आरपीएससी की ओर से आयोजित वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा में शनिवार को उदयपुर में जीके का पेपर लीक हो गया था।
पुलिस ने अभ्यर्थियों को चलती बस में पेपर सॉल्व करते हुए पकड़ा था। इसके बाद आरपीएससी ने जीके के पेपर को निरस्त कर दिया। निरस्त पेपर अब 29 जनवरी को होगा। डीजीपी उमेश मिश्रा ने नकल गिरोह पर पासा एक्ट लगाने की बात कही है। पासा एक्ट के तहत उन व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाती है, जिनके अपराध से समाज प्रभावित होता है। इसके अनुसार व्यक्ति को बिना किसी सार्वजनिक प्रकटीकरण के एक वर्ष तक की अवधि के लिए हिरासत में रखा जा सकता है।

हेड मास्टर समेत 4 कर्मचारी सस्पेंड
सरकार ने भी पेपर लीक मामले में शनिवार रात को एक्शन दिखाया। हेड मास्टर सुरेश कुमार, वरिष्ठ शिक्षक रावताराम, कनिष्ठ सहायक पुखराज और ग्रेड सेकेंड टीचर भागीरथ को निलंबित किया गया है। इनको बर्खास्त करने की तैयारी की जा रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980 में बनाया गया था। यह कानून देश की सुरक्षा के लिए सरकार को अधिक शक्ति देने से संबंधित हैं। यह कानून केन्द्र और राज्य सरकार को ऐसे बदमाशों को गिरफ्तार करने के आदेश देती है, जिनकी वजह से बड़ा समूह या समाज प्रभावित होता है। पुलिस इन बदमाशों को बिना बताए गिरफ्तार कर सकती है। इसके लिए पुलिस को पब्लिकली जानकारी देने की जरूरत नहीं होती।