रांची/दिल्ली : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक संरक्षक शिबू सोरेन का लंबी बीमारी के बाद सोमवार सुबह निधन हो गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता के निधन की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। शिबू सोरेन पिछले एक महीने से ज्यादा समय से दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती थे और किडनी संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे।
लंबे समय से थे बीमार, ICU में थे लाइफ सपोर्ट पर
शिबू सोरेन को जून 2025 के आखिरी सप्ताह में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल की ओर से जारी बयान के अनुसार उन्हें सुबह 8:56 बजे मृत घोषित किया गया। डेढ़ महीने पहले उन्हें स्ट्रोक आया था, जिसके बाद वह लगातार लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। डॉक्टरों की एक टीम लगातार ICU में निगरानी कर रही थी, लेकिन अंततः उन्हें बचाया नहीं जा सका।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक, हेमंत सोरेन ने कहा- “मैं शून्य हो गया हूं”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिबू सोरेन के निधन पर शोक व्यक्त किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत भी की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक्स पर लिखा, “आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं। आज मैं शून्य हो गया हूं…।”
तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे, आंदोलन से लेकर सत्ता तक निभाई भूमिका
वरिष्ठ आदिवासी नेता शिबू सोरेन ने 38 वर्षों से अधिक समय तक झामुमो का नेतृत्व किया और झारखंड राज्य के गठन के लिए आंदोलन किया। वह तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने। पहली बार 2 मार्च 2005 को उन्होंने शपथ ली लेकिन 12 मार्च को इस्तीफा देना पड़ा। दूसरी बार 27 अगस्त 2008 से 19 जनवरी 2009 और तीसरी बार 30 दिसंबर 2009 से 1 जून 2010 तक मुख्यमंत्री रहे।
आठ बार लोकसभा और तीन बार राज्यसभा सांसद रहे
शिबू सोरेन आठ बार लोकसभा सांसद और तीन बार राज्यसभा सांसद बने। वह केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे। झारखंड में उन्हें ‘दिशोम गुरु’ यानी ‘देश का गुरु’ कहा जाता रहा है। उनकी पहचान झारखंड की सबसे बड़ी राजनीतिक शख्सियतों में रही।
