हरियाणा को मिली देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, जींद-सोनीपत रूट पर दौड़ेगी DEMU

0
52
जींद-सोनीपत रूट पर हाइड्रोजन DEMU ट्रेन की प्रतीकात्मक तस्वीर
जींद-सोनीपत रूट पर हाइड्रोजन DEMU ट्रेन की प्रतीकात्मक तस्वीर

जींद: हरियाणा को देश की पहली हाइड्रोजन DEMU ट्रेन की सौगात मिली है। भारतीय रेलवे ने उत्तर रेलवे के जींद-सोनीपत सेक्शन पर 10 कोच वाली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित ट्रेन चलाने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार जताया है।

हाइड्रोजन ट्रेन की क्या है खासियत

यह ट्रेन 1200 किलोवॉट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होगी और इसकी अधिकतम रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।

हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक में रासायनिक प्रक्रिया से बिजली तैयार होती है और इससे केवल जलवाष्प का उत्सर्जन होता है। इसी वजह से इसे पर्यावरण के अनुकूल और प्रदूषण मुक्त परिवहन माना जा रहा है।

भारत चुनिंदा देशों की सूची में शामिल

इस परियोजना के साथ भारत अब उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है जो रेल परिवहन में हाइड्रोजन तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका जैसे देश पहले से इस तकनीक पर काम कर रहे हैं।

जींद में बनाई गई रीफ्यूलिंग सुविधा

हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के लिए जींद में स्वदेशी हाइड्रोजन स्टोरेज और रीफ्यूलिंग सुविधा तैयार की गई है। पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (PESO) ने यहां संपीड़ित हाइड्रोजन गैस के भंडारण और वितरण के लिए लाइसेंस भी जारी किया है।

रेलवे के अनुसार, रीफ्यूलिंग के लिए हाइड्रोजन कंप्रेशन सिस्टम लगाया गया है और बैकअप के तौर पर स्टैंडबाय कंप्रेसर यूनिट की भी व्यवस्था की जा रही है।

सुरक्षा के लिए लगाए गए आधुनिक सेंसर

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाइड्रोजन लीक डिटेक्टर और फ्लेम डिटेक्टर जैसे आधुनिक सेंसर लगाए गए हैं। रेलवे ने बताया कि इनकी नियमित जांच और मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।

मेंटिनेंस और संचालन के लिए विशेष व्यवस्था

हाइड्रोजन ट्रेन और प्लांट के संचालन एवं रखरखाव के लिए रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) ने ऑपरेशन और मेंटिनेंस मैनुअल तैयार किए हैं।

शकूरबस्ती में प्रस्तावित मेंटिनेंस केंद्र के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल और नियमित ऑडिट की व्यवस्था भी की गई है। शुरुआती चरण में ट्रेन के साथ प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे ताकि संचालन में किसी तरह की परेशानी न आए।

admin
Author: admin

News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here