नई दिल्ली। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को पांच पृष्ठों का त्यागपत्र सौंपा। इस्तीफा देने के बाद अन्नामलाई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और इसके बाद चेन्नई के लिए रवाना हो गए।
नितिन नवीन को सौंपा पांच पृष्ठों का इस्तीफा
सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन और संगठन महासचिव बीएल संतोष के साथ हुई बैठक में अन्नामलाई ने सौहार्दपूर्ण माहौल में पार्टी से अलग होने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि अब वह अपना राजनीतिक रास्ता स्वयं तय करना चाहते हैं।
भाजपा नेतृत्व ने रोकने की कोशिश की
पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा नेतृत्व अन्नामलाई को पार्टी में बनाए रखने के प्रयास कर रहा था। उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की भी चर्चा थी। साथ ही अगले निर्देश तक दिल्ली में ही रहने की सलाह दी गई थी।
प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद बढ़ी थीं अटकलें
अन्नामलाई के इस्तीफे की चर्चा पिछले कुछ महीनों से चल रही थी। वर्ष 2025 में उनकी जगह नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद राजनीतिक अटकलें तेज हो गई थीं।
समर्थकों ने लगाए थे पोस्टर
एमजीआर और जयललिता को लेकर दिए गए उनके बयानों के बाद एआईएडीएमके के साथ गठबंधन में तनाव की स्थिति बनी थी। इस बीच मदुरै सहित कई स्थानों पर समर्थकों ने पोस्टर लगाकर उनसे “अगला अवतार” लेने और “तमिलनाडु को बचाने” की अपील की थी। कोयंबटूर में उनके जन्मदिन से पहले लगे पोस्टरों ने भी चर्चाओं को और बल दिया।
नए राजनीतिक विकल्प की तैयारी के संकेत
अन्नामलाई वर्ष 2020 में राजनीति में आए थे और तमिलनाडु भाजपा के सबसे युवा प्रदेश अध्यक्ष बने। बताया जा रहा है कि वह एक जन आंदोलन शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह पहल भविष्य में किसी नए राजनीतिक दल का रूप लेगी या नहीं।
दो दिनों में करेंगे भविष्य की घोषणा
अन्नामलाई ने संकेत दिए हैं कि वह अगले दो दिनों में अपने राजनीतिक भविष्य और आगे की रणनीति को लेकर स्पष्ट घोषणा करेंगे।
तमिलनाडु की राजनीति में माना जा रहा बड़ा घटनाक्रम
राजनीतिक जानकारों के अनुसार अन्नामलाई का इस्तीफा तमिलनाडु की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अभिनेता से राजनेता बने Vijay के तेजी से उभरने के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं।
अन्नामलाई के करीबी सूत्रों का कहना है कि उनका मानना है कि विजय के राजनीतिक उदय के साथ तमिलनाडु की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। वहीं, K. Annamalai के अगले कदम पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


