आगरा। ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मौके पर देश के कई शहरों में मुस्लिम समाज के साथ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई। आगरा, जयपुर, देहरादून समेत कई स्थानों पर नमाज के बाद लोगों ने पोस्टर और तख्तियां लेकर गोवंश संरक्षण और राष्ट्रीय स्तर पर सख्त कानून लागू करने की मांग की। ताजमहल और शाही ईदगाह समेत कई स्थानों पर हजारों लोगों ने अमन-चैन और भाईचारे की दुआ मांगी।
ताजमहल और शाही ईदगाह में उमड़ी भीड़
ईद-उल-अजहा पर ताजमहल परिसर और शाही ईदगाह में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। ताजमहल के सामने नमाज पढ़ते लोगों का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से सुबह तीन घंटे तक ताजमहल में नमाजियों और पर्यटकों के लिए निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई।
शाही ईदगाह मस्जिद में शहर काजी खुबैब रूमी ने नमाज अदा कराई, जबकि शाही जामा मस्जिद में शहर मुफ्ती ने तकरीर की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
मुस्लिम महापंचायत ने उठाई मांग
नमाज के बाद उत्तर प्रदेश मुस्लिम महापंचायत के पदाधिकारियों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। नदीम नूर और अमजल कुरैशी ने कहा कि गाय देश की संस्कृति और करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है, इसलिए उसके संरक्षण के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस्लाम इंसानियत और भाईचारे का संदेश देता है तथा समाज में नफरत फैलाने वालों से बचना जरूरी है। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में पोस्टर लेकर गाय की सुरक्षा और गो तस्करी रोकने के लिए कड़े कानून बनाने की मांग की।

जयपुर में सामाजिक सौहार्द की अपील
जयपुर के दिल्ली बाईपास स्थित ईदगाह में भी बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। इस दौरान शहर के मुफ्ती मोहम्मद जाकिर नोमानी ने लोगों से कुर्बानी के दौरान साफ-सफाई बनाए रखने और सामाजिक सौहार्द कायम रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि कुर्बानी से जुड़ी गंदगी सार्वजनिक स्थानों पर नहीं फैलनी चाहिए और किसी भी तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने से बचना चाहिए, ताकि विवाद की स्थिति पैदा न हो।
कांग्रेस नेताओं ने भी उठाई मांग
देहरादून और अन्य स्थानों पर कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को समर्थन दिया। कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर गोवंश संरक्षण के लिए सशक्त और समान कानून लागू करने की मांग की।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम करने, शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने तथा गौ संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ठोस नीति बनाने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बहुसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाओं और आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए।
गोवंश संरक्षण के लिए राष्ट्रीय अभियान की मांग
राजस्थान हज वेलफेयर सोसाइटी की ओर से भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और गोवंश संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सख्त कानून बनाने की मांग की गई। हाजी शेख निजामुद्दीन ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है और इसके संरक्षण के लिए समाज तथा सरकार को मिलकर काम करना चाहिए।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि गौ संरक्षण को राजनीति से ऊपर उठाकर राष्ट्रीय अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान सामाजिक सौहार्द, मानवता और करुणा का संदेश भी दिया गया।
कई शहरों में शांतिपूर्ण तरीके से हुई नमाज
फिरोजाबाद और मैनपुरी समेत कई शहरों में ईद-उल-अजहा की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई। प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कई स्थानों पर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी की मदद से निगरानी की गई ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अव्यवस्था फैलने न पाए।


