हैदराबाद में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास स्थित एक सड़क का नाम बदलकर “डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू” रखे जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय और राजनीतिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। यह कदम अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता वर्ष के सम्मान में लिया गया बताया जा रहा है। इस कार्यक्रम में तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और कांसुल जनरल लौरा विलियम्स मौजूद रहे।
ट्रंप ने जताई खुशी
Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस फैसले को अपने लिए सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं जिनके नाम पर इस तरह सड़क का नाम रखा गया है। उन्होंने भारत और आयोजन से जुड़े लोगों का आभार भी व्यक्त किया।
अमेरिका ने बताया साझेदारी का प्रतीक
अमेरिकी वाणिज्य दूतावास ने इस नामकरण को ऐतिहासिक अवसर बताया। दूतावास ने कहा कि यह कदम भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती साझेदारी का प्रतीक है और दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करता है।
खास लोकेशन में सड़क का नामकरण
यह सड़क हैदराबाद के उस प्रमुख IT कॉरिडोर में स्थित है, जहां माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों के कार्यालय हैं। इसी वजह से इसे आर्थिक और तकनीकी सहयोग से जोड़कर देखा जा रहा है। यह विषय अब हैदराबाद सड़क नामकरण चर्चा का केंद्र बन गया है।
भारत में राजनीतिक बहस तेज
इस फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। Shahzad Poonawalla ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए इसे विरोधाभासी बताया। उन्होंने Rahul Gandhi और Revanth Reddy की भूमिका पर टिप्पणी की।
बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस एक तरफ ट्रंप की आलोचना करती है और दूसरी तरफ उनके नाम पर सड़क नामकरण का समर्थन दिखता है। वहीं कांग्रेस की ओर से अभी तक इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस पूरे घटनाक्रम ने भारत और अमेरिका के रिश्तों पर भी चर्चा बढ़ा दी है, जिसे भारत अमेरिका संबंध के संदर्भ में देखा जा रहा है।
व्हाइट हाउस का संदर्भ और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हुई है। अमेरिका की आधिकारिक प्रतिक्रिया को समझने के लिए व्हाइटहाउस से जुड़े बयान और अपडेट भी देखे जा रहे हैं।


