लखनऊ : आईएएस अनुराग यादव सुर्खियों में हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से बहस के बाद उन्हें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पर्यवेक्षक पद से हटाकर वापस बुला लिया गया। चुनाव आयोग के निर्देश पर उनके खिलाफ नियुक्ति विभाग कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
वर्चुअल बैठक में हुआ विवाद
यूपी से दो दर्जन से अधिक आईएएस अधिकारियों को विभिन्न राज्यों में पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया है। अनुराग यादव को भी बंगाल चुनाव के लिए तैनात किया गया था। इसी बीच चुनाव आयोग ने चुनाव तैयारियों को लेकर बुधवार को वर्चुअल बैठक की। इसमें पश्चिम बंगाल के डीजीपी, मुख्य सचिव, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया।
जानकारी नहीं दे पाए अधिकारी
बैठक के दौरान कूच बिहार दक्षिण के पर्यवेक्षक अनुराग यादव से उनके क्षेत्र के पोलिंग बूथ की संख्या पूछी गई। वह तुरंत जानकारी नहीं दे सके। इसके बाद उन्होंने कुछ समय लेकर जानकारी देने की कोशिश की। हालांकि, इसी दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने नाराजगी जताई।
बहस के बाद हटाया गया
बताया जाता है कि इस पर अनुराग यादव ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। इसके बाद उन्हें पर्यवेक्षक पद से हटाकर वापस जाने के निर्देश दिए गए।
प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी
अनुराग यादव 2000 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी हैं। हाल ही में उन्हें समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वह सूचना एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव रह चुके हैं।
पहले भी हो चुका है ऐसा मामला
से पहले वर्ष 2022 में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी। यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह को गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान वापस भेजा गया था। उन्होंने ड्यूटी के दौरान फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिस पर चुनाव आयोग ने नाराजगी जताई थी। बाद में उन्हें वापस बुला लिया गया था।


