बेंगलुरु। कर्नाटक में डीके शिवकुमार सरकार शपथ ग्रहण के एक सप्ताह के भीतर ही मुश्किलों में घिर गई है। सरकार में मंत्री बनाए गए रामालिंगा रेड्डी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। रेड्डी को सरकार में सिंचाई मंत्री बनाया गया था, जिससे वह संतुष्ट नहीं थे। इसी वजह से उन्होंने मंत्री पद छोड़ने का फैसला किया। उनके इस्तीफे पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि चिंता की कोई बात नहीं है, सभी समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा।
मनचाहा विभाग नहीं मिलने से नाराज हुए रेड्डी
रामालिंगा रेड्डी ने अपने इस्तीफे में कहा कि उन्हें किसी अन्य मंत्रालय का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने बताया कि सिद्धारमैया के नेतृत्व में बायराथी सुरेश ने उन्हें फोन कर बेंगलुरु विकास मंत्रालय देने की बात कही थी। बाद में डीके शिवकुमार भी उनके घर आए और उन्होंने भी यही आश्वासन दिया।
रेड्डी ने कहा कि जब विभागों की घोषणा हुई तो उन्हें सिंचाई मंत्रालय दिया गया। उन्होंने दोबारा इस विषय पर चर्चा की, लेकिन आश्वासन के बावजूद विभाग नहीं बदला गया। इसी कारण उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
53 साल से कांग्रेस में हूं, कभी पद नहीं मांगा
रामालिंगा रेड्डी ने कहा कि वह पिछले 53 वर्षों से कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं और पार्टी के भीतर कई जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह एम. वीरप्पा मोइली और एस.एम. कृष्णा के मुख्यमंत्री रहते हुए भी मंत्री रह चुके हैं, लेकिन उन्होंने कभी किसी से मंत्री पद की मांग नहीं की।उन्होंने कहा, “मुझे बार-बार अपमानित किया गया है और अब मैं इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकता।”
कांग्रेस में ही रहूंगा, पार्टी नहीं छोड़ रहा
रेड्डी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल मंत्री पद से इस्तीफा दिया है, कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस विधायक बने रहेंगे और पार्टी में ही काम करते रहेंगे।उन्होंने यह भी कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री को इस्तीफा नहीं सौंपेंगे, बल्कि अपने निजी सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजेंगे।
शिवकुमार सरकार के लिए बढ़ी चुनौती
रामालिंगा रेड्डी के इस्तीफे को कर्नाटक कांग्रेस में बढ़ते असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के दौरान पार्टी नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की थी, लेकिन सरकार गठन के कुछ ही दिनों बाद वरिष्ठ नेता के इस्तीफे ने नई राजनीतिक चर्चा शुरू कर दी है।मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि रेड्डी उनके करीबी मित्र हैं और पार्टी इस मुद्दे का समाधान निकाल लेगी।
राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने घोषित किए उम्मीदवार
इसी बीच कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव और उपचुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची भी जारी कर दी है। पार्टी ने सात उम्मीदवारों के नामों को मंजूरी दी है। इनमें पवन खेड़ा और मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं।


