लखनऊ। उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का सपना लेकर विदेश गए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को ब्रिटेन का वीजा नहीं मिल पाया। इसके कारण उनकी यूनाइटेड किंगडम (यूके) यात्रा रद्द हो गई और उन्हें जर्मनी से सीधे लखनऊ लौटना पड़ा। इस खबर ने राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
जर्मनी दौरा रहा सफल
केशव मौर्य 23 फरवरी को जर्मनी रवाना हुए थे। 25 फरवरी तक उनके फ्रैंकफर्ट और न्यूरेम्बर्ग शेड्यूल में कई महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। उत्तर प्रदेश को भारत का ‘सेमीकंडक्टर हब’ बनाने की पहल के तहत उन्होंने जर्मन कंपनियों को निवेश और तकनीकी सहयोग के लिए आमंत्रित किया। इसके अलावा, यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में ड्रोन और उन्नत उपकरण निर्माण के लिए सहयोग पर चर्चा हुई।
फ्रैंकफर्ट चैंबर ऑफ कॉमर्स (IHK) के साथ औद्योगिक पार्क और लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने पर भी बातचीत हुई। दौरे के दौरान डिप्टी सीएम ने जर्मनी के विकास मॉडल और इतिहास का अध्ययन किया। न्यूरेम्बर्ग के ऐतिहासिक किले और संग्रहालय में उनकी टीम के साथ तस्वीरें सामने आईं। इसके साथ ही जर्मन ‘डुअल वोकेशनल ट्रेनिंग’ मॉडल को उत्तर प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में लागू करने पर सहमति बनी।
यूके दौरा रद्द
25 से 27 फरवरी तक डिप्टी सीएम और आईटी मंत्री सुनील शर्मा के नेतृत्व में यूनाइटेड किंगडम में निवेशकों के साथ बैठकें निर्धारित थीं। लेकिन वीजा न मिलने के कारण यह दौरा रद्द कर दिया गया। वीजा रिजेक्शन की आधिकारिक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। डिप्टी सीएम अब जर्मनी से सीधे लखनऊ लौट रहे हैं।
जर्मनी में तकनीकी और औद्योगिक सहयोग
जर्मनी दौरे के दौरान केशव मौर्य और सुनील शर्मा ने Telefónica O2 और HENSOLDT सहित कई प्रमुख कंपनियों से तकनीकी और निवेश के मुद्दों पर चर्चा की। न्यूरेम्बर्ग की ‘रेलवन’ फैक्ट्री का दौरा कर उन्होंने आधुनिक रेल ट्रैक और मजबूत कंक्रीट स्लीपर निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया। यह तकनीक यूपी के रेलवे प्रोजेक्ट्स में उपयोग की योजना बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी का जापान दौरा
इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जापान दौरे पर थे। यामानाशी में हाईस्पीड मैग्लेव ट्रेन की सवारी की और टोक्यो से यामानाशी जाते समय भारतीय परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट दी और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया।
मुख्यमंत्री ने हाइड्रोजन आधारित P2G परियोजना और निवेश/तकनीकी सहयोग पर भी जापानी अधिकारियों के साथ चर्चा की।


