नई दिल्ली : सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे पर दो विधेयक लाने की योजना बना रही है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पहला प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाकर महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण लागू करने की रूपरेखा प्रस्तुत करेगा। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए 33% कोटा के भीतर अलग से आरक्षण का प्रावधान भी शामिल होगा।
विपक्षी दलों से भी संपर्क
एक वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधि ने कहा कि इस प्रस्तावित विधेयक को दो तिहाई बहुमत से पारित करना होगा और इसे राज्यों की ओर से अलग अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी। दूसरा विधेयक परिसीमन आयोग (Delimitation Commission) की स्थापना के लिए लाया जाएगा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरकार की कांग्रेस नेतृत्व के साथ बातचीत जारी है और अन्य विपक्षी दलों से भी संपर्क किया गया है।
इंडिया ब्लॉक की सुबह मीटिंग
लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक मणिकम टैगोर ने बताया कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं और फ्लोर लीडर्स की मंगलवार सुबह 10:30 बजे बैठक बुलाई है। इस बैठक में राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे। बैठक में महिला आरक्षण के मुद्दे पर इंडिया ब्लॉक की साझा रणनीति तय की जाएगी। मल्लिकार्जुन खड़गे सरकार के साथ अब तक हुई बातचीत के बारे में विस्तार से ब्रीफ करेंगे।
कांग्रेस ने पहले सुझाव दिया था
पिछले 10 दिन में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने मल्लिकार्जुन खड़गे से तीन बार बात की है। मणिकम टैगोर ने कहा कि 2023 में जब महिला आरक्षण कानून लाया गया था, तब कांग्रेस पार्टी ने सुझाव दिया था कि महिला आरक्षण को परिसीमन की प्रक्रिया से जोड़ना सही नहीं होगा और इसे परिसीमन से अलग करना चाहिए। अब सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसका सुझाव सबसे पहले कांग्रेस ने ही दिया था।


