नंदीग्राम एक्सप्रेस के First AC में ‘हनीमून सुइट’ बनाने पर TTE सस्पेंड, जानिए पूरा मामला

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नंदीग्राम एक्सप्रेस के First AC कोच में सजावट का वायरल वीडियो
नंदीग्राम एक्सप्रेस के First AC कोच में सजावट का वायरल वीडियो

मुंबई: महाराष्ट्र के बल्लारशाह से दादर (मुंबई) के बीच चलने वाली नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी (First AC) कोच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में एक पूरे केबिन को कथित तौर पर नवविवाहित जोड़े के लिए हनीमून सुइट की तरह सजाया गया दिखाई देता है। मामला सामने आने के बाद भारतीय रेलवे ने ड्यूटी पर तैनात संबंधित ट्रेन टिकट निरीक्षक (TTE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

वीडियो में क्या दिखा?

वायरल वीडियो में फर्स्ट एसी कोच के केबिन को रंग-बिरंगे गुब्बारों, ताजे फूलों और गुलदस्तों से सजाया गया है। सीट पर लाल गुलाब की पंखुड़ियों से दिल का आकार बनाया गया था। वीडियो में केबिन के भीतर जलते हुए दीपक (मोमबत्तियां) भी दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर जोखिम माना जा रहा है।

प्राइवेट डेकोरेटर से कराई गई थी सजावट

रेलवे के अनुसार, यह घटना मंगलवार को नंदीग्राम एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 11002 डाउन) में हुई। यात्रा कर रहे एक नवविवाहित जोड़े ने अपनी यात्रा को यादगार बनाने के लिए ऑनलाइन माध्यम से एक निजी डेकोरेटर की सेवाएं ली थीं।

बताया गया कि डेकोरेटर ने स्टेशन पर ट्रेन में प्रवेश कर फर्स्ट एसी केबिन को सजाया, लेकिन इसके लिए रेलवे प्रशासन या सुरक्षा एजेंसियों से कोई लिखित अनुमति नहीं ली गई थी।

रेलवे ने TTE को किया निलंबित

रेलवे प्रशासन ने बिना अनुमति बाहरी व्यक्ति के एसी कोच में प्रवेश और चलती ट्रेन में ज्वलनशील वस्तुओं के उपयोग को सुरक्षा में गंभीर चूक माना है। इसी के चलते संबंधित TTE को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही यह पता लगाने के लिए विभागीय जांच शुरू की गई है कि बिना अनुमति इतनी बड़ी सजावट कैसे कराई गई।

क्या कहते हैं रेलवे के नियम?

रेलवे नियमों के अनुसार, चलती ट्रेन के कोच में बिना अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति से व्यावसायिक गतिविधि कराना और मोमबत्ती या दीपक जैसी ज्वलनशील वस्तुओं का उपयोग करना प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

किन लोगों पर हो सकती है कार्रवाई?

रेलवे के अनुसार, नियमों के उल्लंघन की स्थिति में यात्रा कर रहे यात्रियों, बिना अनुमति ट्रेन में प्रवेश करने वाले डेकोरेटर या एजेंसी तथा ड्यूटी पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

नियमों में क्या हैं दंड के प्रावधान?

रेलवे अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, बिना अनुमति रेलवे परिसर या कोच में व्यावसायिक गतिविधि करना, अनधिकृत प्रवेश करना तथा ट्रेन में ज्वलनशील वस्तुओं का उपयोग करना दंडनीय अपराध है। इसके अलावा, यदि किसी कृत्य से सह-यात्रियों की सुरक्षा या शांति प्रभावित होती है, तो संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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