नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज लाल किले से मुझे ऑपरेशन सिंदूर के वीर जांबाजों को सैल्यूट करने का अवसर मिला है। हमारे वीर सैनिकों ने दुश्मनों को उसकी कल्पना से परे सजा दी है। इस दौरान उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र किया और दुनिया को संदेश दिया कि भारत अब यह सब नहीं सहेगा।
पहलगाम हमले का जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि पहलगाम में सीमा पार से आए आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों की हत्या की। पत्नी के सामने पति को गोली मारी गई, बच्चों के सामने पिता को मौत के घाट उतारा गया। इस घटना से पूरा देश आक्रोशित था और दुनिया भी स्तब्ध थी। ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है।

न्यूक्लियर धमकी पर कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले मानवता के समान दुश्मन हैं और भारत न्यूक्लियर ब्लैकमेल अब नहीं सहेगा। सेना अपनी शर्तों और समय के अनुसार कार्रवाई करेगी और दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देगी।
सेना को खुली छूट
उन्होंने बताया कि 22 तारीख के बाद सेना को खुली छूट दी गई थी। सेना ने सैकड़ों किलोमीटर अंदर घुसकर आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया और पाकिस्तान में तबाही मचा दी। वहां की हालत अभी भी खराब है और रोज नए खुलासे हो रहे हैं।
खून और पानी साथ नहीं बहेगा
सिंधु समझौते पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत से निकलने वाला पानी सिर्फ भारत के किसानों का है। यह एकतरफा और अन्यायपूर्ण समझौता देश को मंजूर नहीं है। किसान हित और राष्ट्र हित में भारत इसे स्वीकार नहीं करेगा।