पुरी। गुरुवार को श्री जगन्नाथ मंदिर के पवित्र ध्वज के ऊपर एक चील बैठी हुई देखी गई, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के बीच चर्चा छिड़ गई।
‘पतितपबन बाना’ पर कुछ देर बैठा पक्षी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पक्षी कुछ समय के लिए ‘पतितपबन बाना’ पर बैठा रहा। यह पवित्र ध्वज मंदिर के नीलचक्र से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि यह 12वीं शताब्दी के मंदिर की धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक है। कुछ देर बाद पक्षी वहां से उड़ गया। इस अनोखे दृश्य ने मंदिर के आसपास मौजूद श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया और देखते ही देखते यह तीर्थ नगरी में चर्चा का विषय बन गया।
स्थानीय मान्यता से जुड़ी चर्चा
कई श्रद्धालु मंदिर की छत पर पक्षियों के बैठने को अपशगुन मानते हैं। इसी वजह से इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों के बीच अटकलें और बहस शुरू हो गई। मंदिर से जुड़ी एक पुरानी मान्यता यह भी है कि पक्षी सीधे मंदिर के ऊपर से नहीं उड़ते, और इसे अक्सर मंदिर के अनूठे रहस्यों में से एक बताया जाता है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
हालांकि, इससे पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पिछले साल अप्रैल में भी मंदिर के ऊपर एक चील को बैठे हुए देखा गया था। उस घटना ने भी इस आम धारणा को चुनौती दी थी कि पक्षी कभी पवित्र मंदिर के ऊपर से नहीं उड़ते।
मंदिर की गतिविधियों पर कोई असर नहीं
https://mahatvapoorna.com/इस दृश्य ने श्रद्धालुओं के बीच जिज्ञासा जरूर बढ़ाई, लेकिन मंदिर अधिकारियों के अनुसार इस घटना से मंदिर के अनुष्ठानों या दैनिक गतिविधियों पर किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं आई।


