लोकभवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की वरिष्ठ नेता और दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने आधिकारिक तौर पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली। लोकभवन में आयोजित समारोह के दौरान राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
एनसीपी नेता अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण सामने आए। उनके निधन के बाद इस बात को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी की ओर से उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी किसे दी जाएगी। शनिवार को इन अटकलों पर विराम लग गया, जब सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली।
शपथ के बाद सुनेत्रा पवार का संदेश
शपथ ग्रहण के बाद सुनेत्रा पवार ने एक पोस्ट में कहा कि वे अपने पति के सपनों का महाराष्ट्र बनाने के लिए काम करेंगी।
पार्टी सूत्रों का दावा
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार इस पद के लिए तैयार नहीं थीं। हालांकि, पार्टी की बेहतरी और अजित पवार के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए समर्थकों से चर्चा के बाद उन्होंने सहमति दी। एनसीपी सूत्रों के अनुसार, उन्होंने भारी मन से यह जिम्मेदारी स्वीकार की।
अजित पवार का राजनीतिक सफर और पार्टी विभाजन
देवेंद्र फड़नवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रहे अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। उन्होंने एनसीपी को दो गुटों में विभाजित किया था। एक गुट का नेतृत्व उन्होंने किया, जबकि दूसरे एनसीपी (एसपी) गुट का नेतृत्व पार्टी संस्थापक शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले ने किया।
सूत्रों के अनुसार पार्टी की सोच
एनसीपी सूत्रों का कहना है कि अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार ने पार्टी और अपने पति की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना अपना कर्तव्य माना। पार्टी के भीतर यह धारणा बनी कि यदि उन्होंने यह जिम्मेदारी नहीं ली, तो अजित पवार की परिकल्पनाएं अधूरी रह सकती थीं।
शपथ ग्रहण से पहले की गतिविधियां
शनिवार को शपथ ग्रहण से पहले मुंबई में एनसीपी विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें सुनेत्रा पवार को पार्टी प्रमुख चुना गया। इसके बाद उन्होंने पार्टी नेताओं से बातचीत की।
शरद पवार का बयान
शरद पवार ने कहा कि सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण को लेकर उनसे कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को आगे की रणनीति तय करने का अधिकार है।
विलय को लेकर चर्चाएं
अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि दोनों गुटों ने हाल के नगर निगम चुनाव गठबंधन में साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और भविष्य की रणनीति को लेकर चर्चाएं जारी हैं।


