नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को नियमों का पालन नहीं करने के कारण पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया। कार्रवाई के बाद पेटीएम की पैरेंट कंपनी One97 Communications ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि कंपनी के कारोबार पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा।
आरबीआई ने क्या कहा
आरबीआई ने कहा कि बैंक का संचालन ऐसे तरीके से किया जा रहा था, जो जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक था। केंद्रीय बैंक ने बताया कि बैंक को बंद करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
लाइसेंस रद्द करने की वजह
आरबीआई के अनुसार बैंक ने पेमेंट्स बैंक लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं किया। साथ ही बैंक बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के कुछ प्रावधानों का भी अनुपालन नहीं कर रहा था। इसी कारण लाइसेंस शुक्रवार को कारोबार समाप्त होने के बाद से रद्द कर दिया गया।
जमाकर्ताओं के पैसे को लेकर आश्वासन
केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक के पास इतनी नकदी उपलब्ध है कि बंद होने की स्थिति में वह अपने सभी जमाकर्ताओं का पैसा वापस कर सकेगा।
पेटीएम कंपनी का बयान
पेटीएम की पैरेंट कंपनी One97 Communications ने शेयर बाजार को जानकारी दी कि उसका पेटीएम पेमेंट्स बैंक के साथ कोई महत्वपूर्ण व्यावसायिक समझौता नहीं है। कंपनी ने कहा कि उसकी कोई भी सेवा पीपीबीएल के साथ साझेदारी में संचालित नहीं होती।
सेवाएं जारी रहने का दावा
कंपनी ने कहा कि पेटीएम ऐप, पेटीएम यूपीआई, पेटीएम गोल्ड और अन्य सेवाएं बिना किसी रुकावट जारी रहेंगी। इसमें पेटीएम क्यूआर, साउंडबॉक्स, कार्ड मशीन, पेमेंट गेटवे और पेटीएम मनी जैसी सेवाएं शामिल हैं।
2017 में शुरू हुआ था बैंक
पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने 23 मई 2017 से पेमेंट्स बैंक के रूप में काम करना शुरू किया था।


