बालोतरा : राजस्थान के बालोतरा जिले के कालूड़ी गांव में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई के लिए पर्याप्त कक्ष उपलब्ध नहीं हैं।
पंचायती राज चुनावों के माहौल के बीच ग्रामीणों ने शिक्षा व्यवस्था और विकास के दावों पर सवाल उठाए हैं। उनकी मांग है कि चुनावी वादों से पहले बच्चों को पढ़ाई के लिए उचित जगह उपलब्ध कराई जाए।
स्कूल में पर्याप्त कक्ष नहीं होने से परेशानी
कालूड़ी गांव के विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ने वाले बच्चों को कक्षों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करनी पड़ रही है।
इस स्थिति को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता है। उनका कहना है कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के लिए विद्यालय में पर्याप्त कक्ष और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
सरकारी फंड के इस्तेमाल पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों ने विद्यालय को मिलने वाले सरकारी फंड और उसके उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के दावों के बीच स्कूल की मौजूदा स्थिति पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
अब शिक्षा विभाग से अपेक्षा की जा रही है कि वह सरकारी स्कूल की व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट करे और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दे।
चुनावी वादों के बीच बच्चों की शिक्षा का मुद्दा
पंचायती राज चुनावों के दौरान गांवों में विकास को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ऐसे में कालूड़ी गांव के विद्यालय की स्थिति ने शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि बच्चों को पढ़ाई के लिए उचित कक्ष उपलब्ध कराए जाएं। उनका कहना है कि चुनावी वादों के साथ-साथ शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता होनी चाहिए।
शिक्षा विभाग से जवाबदेही की मांग
कालूड़ी गांव के ग्रामीण चाहते हैं कि शिक्षा विभाग विद्यालय की स्थिति की जांच करे और कक्षों की कमी को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए।
बच्चों को बेहतर माहौल में पढ़ने का अवसर मिलना जरूरी है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस समस्या पर क्या कार्रवाई करता है और बच्चों की शिक्षा के लिए जरूरी सुविधाएं कब उपलब्ध कराई जाती हैं।


