किसानों की कर्ज माफी पर केंद्र का साफ इनकार

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किसानों की कर्ज माफी पर संसद में चर्चा का दृश्य
किसानों की कर्ज माफी पर संसद में चर्चा का दृश्य

जयपुर:
किसानों के कर्ज माफी को लेकर एक बड़ी और साफ तस्वीर सामने आई है। लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल देशभर के किसानों के लिए पूरी कर्ज माफी की कोई योजना नहीं है। यह जवाब ऐसे समय आया है जब किसान कर्ज के बोझ को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं।

लोकसभा में सरकार का जवाब

नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल के सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार के पास किसानों के सभी कर्ज माफ करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इससे स्पष्ट है कि फिलहाल कर्ज माफी जैसी राहत की संभावना नहीं है।

योजनाओं के जरिए मदद पर जोर

लोकसभा में दिए गए जवाब में बताया गया कि सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए अन्य उपायों पर काम कर रही है। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए किसानों को आसान ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा रिजर्व बैंक के माध्यम से बैंकिंग और लोन सुविधाएं भी पहुंचाई जा रही हैं। बिना गारंटी वाले अल्पकालिक लोन की सीमा 1.60 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही पीएम फसल बीमा योजना और पीएम किसान निधि जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं।

राजस्थान में किसानों पर कर्ज का आंकड़ा

इस सवाल के जवाब में राजस्थान के किसानों पर बकाया कर्ज का आंकड़ा भी साझा किया गया। 31 दिसंबर 2025 तक के अनुसार, शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों का 1 लाख 44 हजार 192 करोड़ रुपये बकाया है। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का 30 हजार 69 करोड़ रुपये और ग्रामीण सहकारी बैंकों का 18 हजार 32 करोड़ रुपये कर्ज भी बाकी है।

कर्ज वितरण के आंकड़े

सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में किसानों को दिए गए कर्ज का डाटा भी प्रस्तुत किया। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 1 लाख 41 हजार 612 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया। 2023-24 में यह बढ़कर 1 लाख 53 हजार 593 करोड़ रुपये हो गया। वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा 1 लाख 68 हजार 545 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

कर्ज बढ़ने के साथ बोझ भी बढ़ा

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि किसानों को मिलने वाला कर्ज लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही कुल बकाया राशि भी बढ़ती जा रही है।

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