नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत ढहने से बड़ा हादसा हो गया। मलबे में दबने से खबर लिखे जाने तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
हादसे के बाद पुलिस, दमकल और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। मामले में पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम और अन्य आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
पुलिस ने मालिक समेत अन्य के खिलाफ दर्ज की FIR
दिल्ली के साउथ कैंपस थाने में दर्ज मामले में हरिराम और अन्य आरोपियों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक FIR संख्या 153/26 दर्ज की गई है।
मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 290 और 125(a) के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों का पता लगाने के लिए कई टीमें गठित की हैं।
रेखा गुप्ता ने मजिस्ट्रियल जांच के दिए आदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। वह घटनास्थल पर करीब तीन घंटे तक हालात का जायजा लेने के बाद घायलों को देखने अस्पताल भी पहुंचीं।
रेनोवेशन के दौरान हादसे का आरोप
DCP साउथ वेस्ट अमित गोयल ने बताया कि ढही हुई इमारत एक PG थी। पुलिस के अनुसार, ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था और इसी दौरान इमारत गिरने की बात सामने आई है।
पुलिस हादसे के कारणों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। बिल्डिंग हादसा मामले में आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें काम कर रही हैं।
हादसे में 5 लोगों की मौत
AIIMS JPN एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के मुताबिक हादसे के बाद कुल 10 मरीज लाए गए थे। इनमें से चार को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल मरीज ने बाद में दम तोड़ दिया।
अस्पताल के अनुसार तीन मरीजों को भर्ती किया गया और उनका उपचार किया गया। एक घायल की हाथ-पैर की चोट के लिए सर्जरी की गई, जबकि दूसरे को मामूली चोटों के बाद ऑब्जर्वेशन में रखा गया और बाद में छुट्टी दे दी गई।

ABVP ने MCD मुख्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
हादसे के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने सिविक सेंटर स्थित MCD मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सत्य निकेतन में हुई घटना के लिए MCD की लापरवाही जिम्मेदार है। प्रदर्शन के दौरान मामले में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई गई।
पुलिस जांच और रेस्क्यू पर नजर
सत्य निकेतन हादसे के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, मजिस्ट्रियल जांच के जरिए घटना के कारणों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी।
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों और घायलों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई जारी है। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी इस घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं।


