लखनऊ : लखनऊ से नई दिल्ली जा रही वीआईपी ट्रेन 12003 शताब्दी एक्सप्रेस पर फिरोजाबाद में हुए पथराव मामले में पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार ट्रेन पर पत्थर फेंकने वाले कोई संगठित अपराधी नहीं, बल्कि रेलवे ट्रैक किनारे कूड़ा बीनने वाले तीन नाबालिग बच्चे थे।
घटना स्थल पर पथराव की घटना
घटना 11 जून 2026 को उस समय हुई जब ट्रेन रसूलपुर क्षेत्र के पेमेश्वर गेट (खम्बा नंबर 1230/05) के पास से गुजर रही थी। अचानक फेंके गए पत्थर से एग्जीक्यूटिव क्लास (E-1) कोच का शीशा चटक गया। उसी कोच में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत मौजूद थे।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन, डीआईजी आगरा रेंज और एसएसपी आदित्य लांघे के निर्देशन में पुलिस ने जांच शुरू की। रसूलपुर, दक्षिण, लाइनपार थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की 10 टीमों को जांच में लगाया गया।

सीसीटीवी फुटेज से खुलासा
पुलिस ने 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की, जिसमें सामने आया कि तीन नाबालिग बच्चे रेलवे ट्रैक के किनारे कूड़ा बीन रहे थे। खेल-खेल में या शरारत के दौरान उन्होंने दौड़ती ट्रेन पर पत्थर फेंक दिया।
दो नाबालिग हिरासत में, एक की तलाश
12 जून 2026 को सुबह 9:30 बजे थाना रसूलपुर पुलिस ने आसफाबाद फाटक के पास से दो नाबालिगों को आसफाबाद फाटक के पास से हिरासत में लिया। तीसरे नाबालिग की तलाश जारी है।
मुकदमा दर्ज और कानूनी कार्रवाई
थाना रसूलपुर में मुकदमा नंबर 322/2026 धारा 152 रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए दोनों नाबालिगों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है, जिसमें चोरी और रेलवे एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं।
जांच एजेंसियों की भूमिका
जांच में रेलवे सुरक्षा और VIP ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता देखी गई। मोहन भागवत की मौजूदगी के कारण मामला हाईप्रोफाइल बन गया, जिसके चलते पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया।


