नई दिल्ली। असम के जोरहाट स्थित वायुसेना स्टेशन पर शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। लैंडिंग के दौरान भारतीय वायुसेना का AN-32 मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जानकारी के मुताबिक, विमान जैसे ही रनवे पर उतरने की कोशिश कर रहा था, तभी अचानक जोरदार धमाका हुआ और उसमें आग लग गई।
लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा
हादसे के वक्त विमान में दो पायलटों समेत कुल सात जवान सवार थे। वायुसेना के अनुसार, इस दुर्घटना में दो पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि पांच जवानों के शहीद होने की पुष्टि हुई है।
मृतकों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं।
वायुसेना ने जताया शोक
भारतीय वायुसेना (IAF) ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुए कहा है कि मौके पर हालात का आकलन किया जा रहा है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। सेना ने कहा कि जैसे-जैसे तथ्य सामने आएंगे, उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा।

कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश
वायुसेना ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं। जांच टीम विमान दुर्घटना के सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी और रिपोर्ट तैयार करेगी।
वायुसेना का अहम ट्रांसपोर्ट विमान
AN-32 विमान को वायुसेना का भरोसेमंद टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट माना जाता है, जो रसद और सैनिकों की आवाजाही में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह विमान विशेष रूप से पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में ऑपरेशन के लिए उपयोग किया जाता है।
AN-32 का रिकॉर्ड
वायुसेना के बेड़े में करीब 100 AN-32 विमान सक्रिय रूप से शामिल हैं। हालांकि, इन विमानों का पुराना रिकॉर्ड रहा है और वर्ष 1986 से अब तक यह करीब 22 दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। इसके बावजूद यह विमान लॉजिस्टिक सपोर्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
मार्च में भी हुआ था विमान हादसा
गौरतलब है कि इसी वर्ष मार्च में असम में एक Su-30MKI लड़ाकू विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें दो पायलटों की मौत हो गई थी।


