बदरीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी पर संतों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

0
14
बदरीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी मामले पर हरिद्वार के साधु-संतों की प्रतिक्रिया
बदरीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी मामले पर हरिद्वार के साधु-संतों की प्रतिक्रिया

हरिद्वार: उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हरिद्वार के साधु-संतों ने मंदिर में चढ़ावा चोरी की खबरों को चिंताजनक बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। संतों का कहना है कि बदरीनाथ धाम में लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है और यहां बड़े पैमाने पर चढ़ावा आता है। ऐसे में अयोध्या राम मंदिर में हुई चोरी के बाद बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी की शिकायतों की भी एसआईटी से जांच कराई जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। एक धार्मिक संगठन भैरव सेना की ओर से बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को शिकायत दिए जाने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

चार सदस्यीय जांच समिति का गठन

उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। मामले में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा चार सदस्यीय जांच समिति गठित किए जाने के बाद हरिद्वार के साधु-संतों ने भी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।

महामंडलेश्वर ने एसआईटी जांच की मांग की

महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने कहा कि भगवान बदरीनाथ का धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में यदि चढ़ावे में किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी की शिकायत सामने आती है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि अब समाज को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना होगा। मामले को केवल विभागीय जांच तक सीमित न रखकर मुख्यमंत्री को एसआईटी का गठन कर निष्पक्ष जांच करानी चाहिए, ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चारधाम के विकास के लिए सराहनीय प्रयास किए हैं, इसलिए साधु-संत भी इसकी गरिमा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने जांच का किया स्वागत

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा मामले की जांच शुरू किया जाना स्वागत योग्य कदम है।

उन्होंने कहा कि यदि उत्तराखंड सरकार भी इस मामले में सख्ती से कदम उठाएगी तो भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लग सकेगी। उनका कहना था कि सामान्य मंदिरों में कर्मचारियों द्वारा चोरी की घटनाएं सुनने को मिलती हैं, लेकिन चारधाम देश के करोड़ों लोगों की श्रद्धा और आस्था का केंद्र है, इसलिए यहां ऐसी घटनाएं बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।

निगरानी बढ़ाने पर दिया जोर

श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी से उन्हें आशा है कि मंदिर की व्यवस्थाओं में अनुभवी कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी और निगरानी व्यवस्था को भी अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

admin
Author: admin

News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here