उदयपुर: भीलवाड़ा के सदर थाना प्रभारी लोकपाल सिंह का बुधवार को उदयपुर के गीतांजलि हॉस्पिटल में इलाज के दौरान निधन हो गया। मंगलवार शाम भीलवाड़ा स्थित उनके आवास पर नाकाबंदी ड्यूटी के लिए तैयार होते समय उनकी सर्विस रिवॉल्वर से अचानक गोली चल गई थी, जो कनपटी में लगी और सिर के आर-पार निकल गई। गंभीर हालत में उन्हें भीलवाड़ा से उदयपुर लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
निधन के बाद पार्थिव देह को पोस्टमार्टम के लिए उदयपुर के महाराणा भूपाल अस्पताल की मोर्चरी लाया गया, जहां चिकित्सकों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव देह को एंबुलेंस के जरिए भीलवाड़ा रवाना किया गया। वहां पुलिस लाइन में पुलिस अधिकारियों और जवानों द्वारा राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम करीब 7 बजे सीआई लोकपाल सिंह की थाना क्षेत्र में विशेष नाकाबंदी ड्यूटी लगी थी। उन्होंने अपने सब-इंस्पेक्टर को फोन कर वाहन तैयार रखने के लिए कहा था।
वर्दी पहनते समय सर्विस वेपन संभालते हुए अचानक फायर
इसी दौरान वर्दी पहनते समय सर्विस वेपन संभालते हुए अचानक फायर हो गया। गोली की आवाज सुनकर उनकी पत्नी मौके पर पहुंचीं और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पहले उन्हें भीलवाड़ा के अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया।
सिर में गंभीर चोट होने के कारण उन्हें उदयपुर रेफर किया गया। एसपी के निर्देश पर भीलवाड़ा से उदयपुर तक करीब 157 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। पूरे मार्ग पर पुलिस ने ट्रैफिक खाली करवाकर एंबुलेंस को सुरक्षित निकाला और रास्ते में पड़ने वाले थाना क्षेत्रों की पुलिस ने एस्कॉर्ट किया।
उदयपुर के गीतांजलि हॉस्पिटल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन बुधवार सुबह करीब 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
उदयपुर सहित पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर
लोकपाल सिंह अजमेर जिले के विजयनगर क्षेत्र के नादसी गांव के निवासी थे। हाल ही में करीब दो महीने पहले उनका दूसरा विवाह हुआ था। उनके निधन से भीलवाड़ा और उदयपुर सहित पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर है। घटना की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच जारी है।


