नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन में देशभर से बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। इस प्रदर्शन में कई ऐसे लोग भी पहुंचे, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थक या कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। इसी बीच उत्तराखंड की मणिका राणा के आंदोलन में शामिल होने और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद संगठनात्मक कार्रवाई की गई है।
कौन हैं मणिका राणा?
मणिका राणा उत्तराखंड के टिहरी जिले से जुड़ी भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की सक्रिय कार्यकर्ता थीं। वह भाजपा युवा मोर्चा की टिहरी जिला इकाई में जिला मंत्री के पद पर कार्यरत थीं। सोशल मीडिया पर भी उनकी सक्रिय मौजूदगी रही है और वह संगठन के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेती रही हैं।

जंतर-मंतर आंदोलन में शामिल होने का वीडियो वायरल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र आंदोलन चल रहा था। इसी दौरान मणिका राणा प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं। वहां उन्होंने एक वीडियो (रील) बनाया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर साझा किया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, वीडियो वायरल होने के बाद मामला पार्टी नेतृत्व के संज्ञान में पहुंचा। यह भी कहा गया कि उन्होंने केवल मौजूदगी दर्ज नहीं कराई, बल्कि आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया।
भाजपा युवा मोर्चा ने की कार्रवाई
यह आंदोलन केंद्र सरकार के तत्कालीन शिक्षा मंत्री के खिलाफ चल रहा था। ऐसे में संगठन ने अपने पदाधिकारी की आंदोलन में भागीदारी को अनुशासनहीनता माना।
इसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा की उत्तराखंड इकाई ने मणिका राणा को जिला मंत्री के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया। संगठन की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि पार्टी की विचारधारा और अनुशासन के विपरीत गतिविधियों में शामिल होने के कारण यह निर्णय लिया गया है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
कार्रवाई के बाद मणिका राणा का नाम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। एक्स, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कुछ यूजर्स संगठन की कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत भागीदारी से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं। हालांकि, पार्टी ने अपने स्तर पर इसे अनुशासन से जुड़ा निर्णय बताया है।


