बाड़मेर-जैसलमेर। बाड़मेर-जैसलमेर के पूर्व सांसद और कद्दावर नेता कर्नल सोनाराम चौधरी का 20 अगस्त की रात निधन हो गया। देर शाम दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने उनके निधन की पुष्टि की। कर्नल चौधरी आखिरी समय तक मारवाड़ की राजनीति में सक्रिय रहे। उन्होंने सेना में कर्नल पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद राजनीति में कदम रखा और तीन बार सांसद रहे। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस में शामिल होकर चुनाव लड़ा।
कांग्रेस में लौटे कर्नल चौधरी
कर्नल सोनाराम चौधरी ने 1996, 1998, 1999 और 2014 में बाड़मेर-जैसलमेर से सांसद पद संभाला। इसके अलावा 2008 से 2013 तक वे विधानसभा सदस्य भी रहे। 2004 में उन्होंने मानवेंद्रसिंह जसोल के सामने चुनाव हारा। 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन की और इसी साल बीजेपी के टिकट पर चौथी बार सांसद बने। लेकिन 2023 में उन्होंने फिर कांग्रेस का हाथ थाम लिया और गुड़ामलानी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा।
सेना में 25 साल का योगदान
कर्नल सोनाराम चौधरी ने एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज जोधपुर से बीई, फेलो (एफआईई) में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। 1966 में वे भारतीय सेना में शामिल हुए और 1971 के पूर्वी मोर्चे के युद्ध में भी योगदान दिया। 25 साल सेना में सेवा देने के बाद 1994 में उन्होंने सेवानिवृत्ति ली और राजनीति में शामिल हुए।