नई दिल्ली। दिल्ली के आईटीओ स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) परिसर में लगी आग को लेकर शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रालय ने कहा कि उसका कार्यालय कर्तव्य भवन-2, डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड पर स्थित है, जबकि आग लगने की घटना आईटीओ स्थित SPA परिसर में हुई है।
शिक्षा मंत्रालय ने क्यों जारी की सफाई
शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि आग लगने की घटना को लेकर किसी प्रकार की भ्रामक जानकारी प्रसारित न हो, इसलिए यह स्पष्टीकरण जारी किया गया। मंत्रालय का यह बयान नीट पेपर लीक और सीबीएसई रिजल्ट विवाद के बीच सामने आया है।
विपक्षी दलों ने उठाए सवाल
आग लगने की घटना के बाद विपक्षी दलों और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे नीट पेपर लीक और सीबीएसई रिजल्ट विवाद से जोड़कर सवाल उठाए। Pawan Khera ने कहा, “जांच की आंच से पहले ही आग की आंच शिक्षा मंत्रालय पहुंच गई। अद्भुत संयोग है।”
खरगे ने सरकार पर साधा निशाना
Mallikarjun Kharge ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि शिक्षा मंत्रालय में आग का पता नहीं, लेकिन शिक्षा व्यवस्था को भाजपा ने अपने कृत्यों से नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा संबंधी मुद्दों का भी उल्लेख किया।
मनीष सिसोदिया ने भी उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने भी घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय में लगी आग को मौजूदा विवादों के संदर्भ में देखा जा रहा है और इस पर जवाब दिया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी हुई चर्चा
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाए। कुछ यूजर्स ने आशंका जताई कि क्या आग में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रभावित हुए हैं। वहीं कई लोगों ने मामले की स्वतंत्र जांच और पारदर्शिता की मांग की।
आग पर पाया गया काबू
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार आग पर काबू पा लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दिल्ली दमकल सेवा को सुबह करीब 9:37 बजे सूचना मिली थी, जिसके बाद आठ दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया।
अधिकारियों के मुताबिक आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। मंत्रालय ने कहा कि आग की घटना छोटी थी और इससे जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ।
मनोज झा ने निष्पक्ष जांच की मांग की
आरजेडी नेता मनोज झा ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवालों के बीच आग लगने की घटना कई प्रश्न खड़े करती है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष, गहन और समयबद्ध जांच की मांग की।


