बेंगलुरु: पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा (85) का शनिवार को निधन हो गया। वह पिछले चार दिनों से बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में भर्ती थीं, जहां सांस लेने में तकलीफ के कारण उनका इलाज चल रहा था। अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, शनिवार शाम अचानक दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।
चार दिनों से चल रहा था इलाज
जानकारी के अनुसार, सांस लेने में दिक्कत होने पर चेन्नम्मा को बुधवार रात मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका उपचार आईसीयू में चल रहा था। डॉक्टरों ने बताया कि स्वास्थ्य में सुधार के संकेत मिल रहे थे, लेकिन शनिवार शाम करीब 4 बजे हार्ट अटैक आने से उनकी मृत्यु हो गई।
देवेगौड़ा परिवार की मजबूत आधारशिला थीं चेन्नम्मा
चेन्नम्मा और एच.डी. देवेगौड़ा का विवाह वर्ष 1954 में हुआ था। उनके चार बेटे—एच.डी. रेवन्ना, एच.डी. बालकृष्ण, एच.डी. रमेश गौड़ा और एच.डी. कुमारस्वामी—तथा दो बेटियां शैलजा और अनसूया हैं। कर्नाटक की राजनीति में प्रभावशाली देवेगौड़ा परिवार के पीछे चेन्नम्मा की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती रही है।

2001 में हुआ था एसिड अटैक
वर्ष 2001 में पारिवारिक विवाद के दौरान चेन्नम्मा पर उनके एक रिश्तेदार ने एसिड से हमला किया था। यह घटना 21 फरवरी 2001 को होलनरसिपुर तालुक के हरदनहल्ली गांव में महाशिवरात्रि के दिन हुई थी। मंदिर से पूजा कर लौटते समय उन पर हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद इलाज के बाद वह स्वस्थ हो गई थीं।
हरदनहल्ली में होंगे अंतिम दर्शन
देवेगौड़ा परिवार के अनुसार, चेन्नम्मा का पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक कस्बे हरदनहल्ली लाया जाएगा, जहां आम लोग अंतिम दर्शन कर सकेंगे।
सिद्धारमैया और निखिल कुमारस्वामी ने जताया शोक
सिद्धारमैया ने चेन्नम्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चेन्नम्मा ने जीवनभर सादगी, साहस और परिवार के प्रति समर्पण का परिचय दिया तथा देवेगौड़ा के राजनीतिक जीवन में हमेशा मजबूत सहयोगी रहीं।
वहीं, निखिल कुमारस्वामी ने अपनी दादी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह पूरे परिवार को एकजुट रखने वाली मजबूत नींव थीं। उन्होंने कहा कि उनकी सादगी, स्नेह, मेहमाननवाजी और जीवन के मूल्य हमेशा परिवार को प्रेरित करते रहेंगे।


