ईरान में भूकंप से उठे परमाणु परीक्षण के सवाल, सेमनान में सेना तैनात

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भूकंप से उठे परमाणु परीक्षण के कयास
भूकंप से उठे परमाणु परीक्षण के कयास

भूकंप से उठे परमाणु परीक्षण के कयास

तेहरान: इजरायल के साथ जारी जंग के बीच शुक्रवार देर रात ईरान में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे परमाणु परीक्षण की थ्योरी ने जन्म लिया। यह भूकंप 20 जून को स्थानीय समयानुसार रात 9:19 बजे आया। इस भूकंप के बाद कयास लगाए जाने लगे कि कहीं ईरान ने चोरी-छिपे कोई परमाणु परीक्षण तो नहीं कर लिया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही ईरान के परमाणु ठिकानों को खत्म करने की कसम खा चुके हैं।

सेमनान में सेना की तैनाती

यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सेस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार भूकंप का केंद्र सेमनान से 35 किलोमीटर नीचे था। इसके झटके उत्तरी ईरान के कई हिस्सों में महसूस किए गए। हालांकि किसी के घायल होने या बड़े विनाश की कोई पुष्टि नहीं हुई। यह घटना ऐसे समय में हुई जब ईरान-इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। इस कारण भूकंप क्षेत्र समेत कई इलाकों में ईरानी सेना की यूनिट्स तैनात कर दी गई हैं।

सोशल मीडिया पर परमाणु परीक्षण की चर्चा

भूकंप के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ‘न्यूक्लियर टेस्ट’ ट्रेंड करने लगा। यूजर्स ने आशंका जताई कि यह प्राकृतिक भूकंप नहीं बल्कि कोई परीक्षण हो सकता है। कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर यह परीक्षण था, तो अमेरिका भी अब हस्तक्षेप करने से डरेगा।

सेमनान की रणनीतिक अहमियत

ईरान का सेमनान प्रांत मिसाइल कॉम्प्लेक्स और स्पेस फैसिलिटी के लिए जाना जाता है। वेबसाइट nti.org के अनुसार यहां बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट रेंज और मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी मौजूद है। माना जाता है कि इस प्लांट को चीन से तकनीकी मदद मिली है। ईरान ने 1987 में यहां ओगहाब अनगाइडेड आर्टिलरी रॉकेट बनाना शुरू किया था और हर साल 600 से 1,000 रॉकेट का लक्ष्य रखा था। यहीं सॉलिड फ्यूल आर्टिलरी रॉकेट नाजेट, शाहब-I और संभवतः जेलजेल रॉकेट का भी निर्माण होता है। इसके अलावा ईरान का स्पेस सेंटर और लॉन्चिंग फैसिलिटीज भी यहीं हैं।

बातचीत से ईरान का इनकार

हाल ही में इजरायली मीडिया ने दावा किया था कि ईरान के वैज्ञानिकों ने परमाणु हथियार की डिजाइनिंग प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है और ईरान अब परमाणु बम बनाने से कुछ ही कदम दूर है। इसके बाद ईरान ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक इजरायल की आक्रामकता बंद नहीं होती, तब तक किसी भी तरह की बातचीत की गुंजाइश नहीं है। यूरोप लगातार ईरान को परमाणु वार्ता में लाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन फिलहाल ईरान का रुख बेहद सख्त बना हुआ है।

तजाकिस्तान में भी आया भूकंप

ईरान के बाद तजाकिस्तान में भी धरती कांपी। शनिवार तड़के वहां 4.0 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने क्षेत्रीय हलचल को लेकर और चिंता बढ़ा दी है।

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