जौनपुर: ‘चाय खतरे में है मित्तर, चीनी पहुंच गई सत्तर’, सोशल मीडिया पर किया गया यह पोस्ट शाहगंज तहसील में तैनात लेखपाल अशोक कुमार यादव को भारी पड़ गया। रविवार को फेसबुक पर पोस्ट किए जाने के बाद यह वायरल हो गया, जिसके बाद तहसील प्रशासन ने मामले में कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
पोस्ट वायरल होने के बाद मामला तहसील से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा। तहसील स्तर पर पोस्ट से संबंधित जानकारी जुटाकर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।
फेसबुक पोस्ट के बाद शुरू हुई कार्रवाई
लेखपाल ने चीनी की बढ़ती कीमतों पर कटाक्ष करते हुए फेसबुक पर लिखा था, ‘चाय खतरे में है मित्तर, चीनी पहुंच गई सत्तर’। पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा शुरू हो गई और मामला अधिकारियों तक पहुंच गया।
प्रशासन की ओर से इस पोस्ट को सरकारी सेवा आचरण नियमों के विपरीत माना गया। अधिकारियों का कहना था कि सरकारी कर्मचारी द्वारा शासन की नीतियों को लेकर इस तरह की सार्वजनिक टिप्पणी करना उचित नहीं है।
तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर निलंबन
पोस्ट वायरल होने के बाद तहसील स्तर पर मामले की जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई। इसके बाद एसडीएम की ओर से लेखपाल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
रिपोर्ट के अनुसार प्रशासन का मानना था कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी से सरकारी सेवा की निष्पक्षता और विभाग की छवि प्रभावित हो सकती है।
निलंबन आदेश भी सोशल मीडिया पर वायरल
लेखपाल की पोस्ट वायरल होने के बाद निलंबन की कार्रवाई भी चर्चा में आ गई। कार्रवाई से संबंधित आदेश भी सोशल मीडिया और लोगों के मोबाइल फोन तक पहुंच गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, अशोक कुमार यादव जौनपुर की शाहगंज तहसील क्षेत्र में लेखपाल के पद पर तैनात हैं। मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की गई है।
सरकारी कर्मचारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर फिर चर्चा
इस कार्रवाई के बाद सरकारी कर्मचारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों और सेवा आचरण नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया पर सरकारी नीतियों से संबंधित टिप्पणियों को लेकर सतर्कता बरतने की बात सामने आई है।


