कानपुर। मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब ITBP के करीब 40 से 50 हथियारबंद जवान अचानक पुलिस कमिश्नरेट पहुंच गए। जवान एक साथी के परिवार से जुड़े अस्पताल मामले में कार्रवाई न होने से नाराज थे। घटना के दौरान परिसर में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा और पुलिसकर्मी भी स्थिति संभालते नजर आए।
अस्पताल में लापरवाही के आरोप से बढ़ा विवाद
सूत्रों के मुताबिक मामला एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई कथित लापरवाही से जुड़ा है। आरोप है कि ITBP जवान विकास सिंह की मां का इलाज कानपुर के Krishna Super Speciality Hospital में हुआ था, जहां संक्रमण फैलने के बाद महिला का हाथ काटना पड़ा।
परिवार का कहना है कि समय पर सही इलाज नहीं मिलने से मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई। बाद में महिला को दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया, लेकिन तब तक संक्रमण गंभीर हो चुका था। इसी मामले में कार्रवाई की मांग लंबे समय से की जा रही थी।
पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे 40-50 जवान
मंगलवार को ITBP के जवान अपने अधिकारियों के साथ सीधे पुलिस कमिश्नरेट पहुंच गए। सभी जवान वर्दी में हथियार लेकर परिसर में अलग-अलग स्थानों पर खड़े हो गए, जिससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।
करीब एक घंटे तक माहौल गंभीर बना रहा। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने जवानों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
CMO ने दोबारा जांच के दिए आदेश
घटना के बाद CMO ने पूरे मामले में दोबारा जांच के आदेश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने दो वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित की है, जो अस्पताल की भूमिका और इलाज प्रक्रिया की विस्तार से जांच करेगी।
CMO हरिदत्त नेमी के अनुसार जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जवानों ने मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल मामला जांच के अधीन है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।


