बेंगलुरु। कर्नाटक विधान परिषद की सात सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी को दो सीटों से संतोष करना पड़ा। वहीं, जेडी(एस) का उम्मीदवार चुनाव हार गया। चुनाव के बाद क्रॉस वोटिंग को लेकर भी सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस का दावा है कि उसे अपेक्षा से 11 अतिरिक्त वोट मिले हैं।
क्रॉस वोटिंग से बदला चुनावी समीकरण
कांग्रेस का दावा है कि पार्टी के पक्ष में बीजेपी और जेडी(एस) के कुछ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। इसके चलते कांग्रेस के पांचों उम्मीदवार जीत दर्ज करने में सफल रहे। वहीं, बीजेपी नेताओं ने भी स्वीकार किया कि पार्टी के कुछ वोट कांग्रेस के पक्ष में गए हैं और ऐसे विधायकों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस ने बताया ऐतिहासिक जीत
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इसे कर्नाटक की राजनीति का महत्वपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास 138 विधायकों का समर्थन था, लेकिन पार्टी के उम्मीदवारों को कुल 151 विधायकों का समर्थन मिला। उन्होंने इसे राज्य की जनता की जीत बताते हुए कहा कि इससे कर्नाटक की राजनीति में नया अध्याय शुरू हुआ है।

बीजेपी ने कार्रवाई के दिए संकेत
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा कि पार्टी के उम्मीदवार लिंगराज पाटिल और रघु कौटिल्य की जीत हुई है, लेकिन मतदान के पैटर्न से स्पष्ट है कि पार्टी के तीन वोट कांग्रेस के पक्ष में गए। उन्होंने कहा कि ऐसे विधायकों की पहचान कर संगठन उचित कार्रवाई करेगा।
ऐसे रहे चुनाव परिणाम
मतगणना में कांग्रेस उम्मीदवार बी.के. हरिप्रसाद, टिप्पन्नप्पा कामकनूर, पी.वी. मोहन और बी.एस. शिवन्ना को 30-30 वोट मिले, जबकि विनय कार्तिक को 32 वोट प्राप्त हुए। बीजेपी के रघु कौटिल्य को 29 और लिंगराज पाटिल को 27 वोट मिले। वहीं, जेडी(एस) उम्मीदवार गोविंदराजू को 14 वोट हासिल हुए।
कुल 222 वोट डाले गए, जिनमें से एक वोट अमान्य घोषित किया गया। जेडी(एस) उम्मीदवार के बाहर होने के बाद मतों के स्थानांतरण से बीजेपी उम्मीदवार लिंगराज पाटिल जीत दर्ज करने में सफल रहे।


