प्रह्लाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार, अधिकारियों के साथ की पहली समीक्षा बैठक

0
0
शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करते प्रह्लाद जोशी
शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करते प्रह्लाद जोशी

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। रविवार को उन्होंने मंत्रालय का पदभार ग्रहण किया और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक भी की। उन्हें यह जिम्मेदारी ऐसे समय सौंपी गई है, जब देश में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर व्यापक चर्चा चल रही है।

पदभार संभालने के बाद प्रधानमंत्री का जताया आभार

रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रह्लाद जोशी ने लिखा, “आज मैंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पदभार संभाला। मुझ पर भरोसा जताने और मुझे यह जिम्मेदारी सौंपने के लिए मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी हूं। मैं इसे विनम्रता और कर्तव्य-बोध के साथ स्वीकार करता हूं।”

वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की पहली समीक्षा बैठक

राष्ट्रपति द्वारा पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद प्रधानमंत्री की सलाह पर प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

शिक्षा मंत्रालय देश के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मंत्रालय माना जाता है। ऐसे में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, उच्च शिक्षा, विद्यालयी शिक्षा, कौशल विकास और अनुसंधान को गति देने पर विशेष जोर रहने की संभावना है।

केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों में शामिल हैं प्रह्लाद जोशी

प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का भी दायित्व संभाल रहे हैं। इससे पहले वे संसदीय कार्य मंत्री, कोयला मंत्री और खान मंत्री जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उनकी पहचान एक अनुभवी संसदीय रणनीतिकार और संगठनात्मक क्षमता वाले नेता के रूप में रही है।

शिक्षा मंत्री के सामने कई अहम चुनौतियां

प्रह्लाद जोशी के सामने सबसे बड़ी चुनौती देश की परीक्षा प्रणाली में लोगों का विश्वास मजबूत करना, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत चल रहे सुधारों को गति देना होगा।

इसके अलावा विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसंधान को बढ़ावा, डिजिटल शिक्षा का विस्तार और कौशल आधारित शिक्षा को मजबूत करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहने की संभावना है।

आने वाले दिनों में लिए जा सकते हैं अहम फैसले

शिक्षा मंत्रालय की कमान संभालने के साथ ही मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनकी प्रारंभिक बैठकें शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में परीक्षा सुधार, तकनीक आधारित मूल्यांकन प्रणाली, विश्वविद्यालयों में अनुसंधान और छात्रों से जुड़े लंबित विषयों पर तेजी से निर्णय लिए जा सकते हैं।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और विद्यार्थियों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि नए शिक्षा मंत्री शिक्षा व्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया को किस गति से आगे बढ़ाते हैं।

admin
Author: admin

News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here