नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों अभ्यर्थी अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं, जबकि पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
6 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में होने का दावा
राहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र TET का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई, जिससे करीब 6 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि दो सप्ताह बीत जाने के बावजूद नई परीक्षा तिथि की घोषणा नहीं की गई है। उनके अनुसार, ईमानदारी से तैयारी करने वाले अभ्यर्थी ही सबसे अधिक परेशानी झेल रहे हैं।
मुख्यमंत्री से की तीन मांगें
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि पहली, TET परीक्षा की नई तारीख तत्काल घोषित की जाए। दूसरी, पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, अभ्यर्थियों को इसका खामियाजा न भुगतना पड़े। तीसरी, जिन अभ्यर्थियों का एक वर्ष इस घटना के कारण प्रभावित हुआ है, उन्हें आयु सीमा में छूट दी जाए।
‘गलती संस्था की, सजा अभ्यर्थियों को नहीं’
राहुल गांधी ने कहा कि गलती यदि व्यवस्था या संस्था की है तो उसकी सजा अभ्यर्थियों को नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यही युवा भविष्य में शिक्षक बनकर देश के बच्चों का भविष्य तैयार करेंगे, इसलिए उनके साथ न्याय होना आवश्यक है।
17 जुलाई को पेपर लीक मुद्दे पर करेंगे चर्चा
राहुल गांधी ने कहा कि वह 17 जुलाई को देहरादून में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि अब ऐसी व्यवस्था बनाने की आवश्यकता है, जिसमें युवाओं को सिस्टम की नाकामी नहीं, बल्कि अपनी मेहनत का परिणाम मिले। महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले को लेकर राज्य सरकार की ओर से आगे की कार्रवाई और परीक्षा की नई तिथि पर अभ्यर्थियों की नजर बनी हुई है।


