मथुरा : राम मंदिर में चढ़ावे के करोड़ों रुपये के कथित गबन के मामले में एसआईटी की जांच शुरू हो गई है। इस बीच वृंदावन के कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का बयान सामने आया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से राम मंदिर से सनातन बोर्ड की शुरुआत करने की बात कही।
एसआईटी गठन पर दी प्रतिक्रिया
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि जिसने भी गलती की है, उसे अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए और पूरा धन वापस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके बाद संबंधित व्यक्ति को वहां से हटा देना चाहिए। उनके अनुसार यही सबसे उचित कदम होगा।
उन्होंने कहा कि यदि मामला अदालत में जाता है तो न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होगी।
भोपाल में दिया बयान
मध्य प्रदेश के भोपाल पहुंचे देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि यदि किसी ने भगवान राम के धन का दुरुपयोग किया है तो उसे उस स्थान से हटा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि धन की वसूली कर उसे भगवान राम को समर्पित किया जाना चाहिए।
चढ़ावा मामले पर क्या कहा
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि जो लोग जानते हैं कि उनसे गलती हुई है, उन्हें स्वयं आगे आकर धन वापस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों को जिम्मेदार पदों से हटाना ही वर्तमान समय में उचित कदम होगा।
एसआईटी ने शुरू की जांच
राम मंदिर चढ़ावा मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। टीम सोमवार को अयोध्या पहुंची और जांच शुरू कर दी। अब तक एसआईटी ट्रस्ट पदाधिकारियों, एसबीआई बैंक कर्मचारियों सहित 43 लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
पूछताछ के दौरान चंपत राय और ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव भी मौजूद रहे। एसआईटी को 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।
कांग्रेस नेता ने लगाया बैनर
युवा कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के पदाधिकारी शरद शुक्ला ने अयोध्या में एक बैनर लगाया, जिसमें लिखा गया कि जो भी राम मंदिर की संपत्ति या धन की चोरी करेगा, उसे 60 हजार वर्षों तक कीड़े के रूप में नरक में सड़ना पड़ेगा। बैनर में स्कंद पुराण के एक श्लोक का भी उल्लेख किया गया।
अखिलेश यादव ने उठाया था मामला
यह विवाद 7 जून को सामने आया था, जब अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में चढ़ावे के रूप में प्राप्त करोड़ों रुपये गायब होने की रिपोर्टें सामने आई हैं। उन्होंने अदालत से मामले का संज्ञान लेने की मांग की थी।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा था कि आंतरिक ऑडिट जारी है और अब तक ऐसे कोई तथ्य सामने नहीं आए हैं, जिनसे आरोपों की पुष्टि होती हो।


