नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इस बीच दिग्गज बैंकर Uday Kotak ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में इसका सबसे ज्यादा असर मिडिल क्लास पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों का पूरा असर अभी तक भारतीय उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा है, लेकिन आने वाले महीनों में ईंधन और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
ईंधन की कीमतों का असर अभी पूरी तरह नहीं दिखा
उदय कोटक ने कहा कि फिलहाल देश में मौजूद ईंधन स्टॉक की वजह से लोगों को ज्यादा असर महसूस नहीं हो रहा है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह दबाव लंबे समय तक नहीं रुकेगा और आगे चलकर पेट्रोल-डीजल समेत कई जरूरी सेवाएं महंगी हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत का असर धीरे-धीरे आम उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।
मिडिल क्लास परिवारों को दी चेतावनी
कोटक ने खासतौर पर मध्यम-वर्गीय परिवारों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सीमित आय वाले परिवारों पर ईंधन की बढ़ती कीमतों का सीधा असर पड़ेगा और ऐसे लोगों को बड़ा आर्थिक झटका लग सकता है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक माहौल में भारत को किसी भी स्थिति के लिए पहले से तैयार रहना होगा। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच देश लंबे समय तक कंफर्ट जोन में नहीं रह सकता।
लंबी अवधि की सोच अपनाने की सलाह
Kotak Mahindra Bank के संस्थापक उदय कोटक ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और कई देश अब अपने रणनीतिक हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में भारत को अपनी घरेलू आर्थिक स्थिति मजबूत करनी होगी।
उन्होंने कंपनियों को सलाह दी कि वे सिर्फ तिमाही नतीजों और शेयर बाजार पर फोकस करने के बजाय अगले तीन से पांच साल की रणनीति के साथ आगे बढ़ें।
वैश्विक तनाव के बीच बढ़ी चिंता
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में संभावित उछाल को लेकर बाजार में पहले से चिंता बनी हुई है। ऐसे में विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि हालात लंबे समय तक बने रहे तो इसका असर आम लोगों की जेब पर भी दिखाई दे सकता है।


