
वाराणसी: विधान परिषद की वाराणसी खंड शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने दूसरी बार जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा को 5,015 मतों के अंतर से हराया।
घोषित परिणाम के अनुसार, लाल बिहारी यादव को 11,612 मत मिले, जबकि डॉ. प्रमोद मिश्रा को 6,597 मत प्राप्त हुए। निर्दलीय प्रत्याशी चेतनारायण सिंह को 3,471 वोट मिले।
लाल बिहारी यादव की जीत पर सपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की, ढोल-नगाड़ों पर खुशी जताई और मिठाइयां बांटीं।
देर रात तक पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच जीत की बधाई देने का सिलसिला जारी रहा।
प्रथम वरीयता के मतों में भी सपा प्रत्याशी आगे
प्रथम वरीयता के मतों की गिनती में लाल बिहारी यादव को 10,958 वोट मिले, जबकि भाजपा के डॉ. प्रमोद मिश्रा को 6,060 मत प्राप्त हुए।
चुनाव में कुल वैध मतों के 50 प्रतिशत से अधिक मत हासिल करने की निर्धारित शर्त पूरी नहीं होने के कारण द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती कराई गई।
द्वितीय वरीयता के मतों से तय हुआ परिणाम
आठ चक्रों की गिनती के दौरान कम मत पाने वाले प्रत्याशियों के द्वितीय वरीयता के वोटों की गणना की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस प्रक्रिया में सपा को 654 और भाजपा को 537 मत मिले।
अंतिम परिणाम में लाल बिहारी यादव को कुल 11,612 वोट मिले। वहीं, डॉ. प्रमोद मिश्रा को 6,597 मतों से संतोष करना पड़ा।पार्टी बदलने के बाद भी प्रमोद मिश्रा को नहीं मिला फायदा
डॉ. प्रमोद मिश्रा वर्ष 2020 में शिक्षक नेता के रूप में चुनाव मैदान में उतरे थे। उस चुनाव में उन्हें 6,830 वोट मिले थे। इस बार चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा का दामन थामा था।
हालांकि, इस बार उन्हें प्रथम वरीयता के मतों में 6,060 वोट ही मिले। यह संख्या वर्ष 2020 में मिले उनके मतों से कम रही।
वाराणसी शिक्षक एमएलसी चुनाव के अंतिम नतीजे
अंतिम परिणाम के अनुसार, तीन प्रमुख प्रत्याशियों को मिले मत इस प्रकार रहे:
| प्रत्याशी | पार्टी | कुल मत |
|---|---|---|
| लाल बिहारी यादव | सपा | 11,612 |
| प्रमोद कुमार मिश्रा | भाजपा | 6,597 |
| चेतनारायण सिंह | निर्दलीय | 3,471 |
इस चुनाव परिणाम के साथ वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लाल बिहारी यादव की दूसरी जीत दर्ज हुई। वाराणसी चुनाव परिणाम से जुड़ी इस खबर में सपा और भाजपा प्रत्याशियों के बीच मतों का अंतर प्रमुख रहा। वहीं, उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव के तहत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना को लेकर भी राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई थी।

