सीजफायर के बीच अमेरिका का बड़ा हमला, होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी ठिकाने बने निशाना

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होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी सैन्य गतिविधि की प्रतीकात्मक तस्वीर
होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी सैन्य गतिविधि की प्रतीकात्मक तस्वीर

वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर के दौरान अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी मिसाइल लॉन्च साइट्स और नावों को निशाना बनाकर कार्रवाई की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार यह हमला अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए ‘सेल्फ-डिफेंस स्ट्राइक’ के तहत किया गया।

CENTCOM ने क्या कहा

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने बताया कि दक्षिणी ईरान में उन ठिकानों पर हमला किया गया, जहां से अमेरिकी सेनाओं को खतरा था। उन्होंने कहा कि टारगेट में मिसाइल लॉन्च साइट्स और माइंस लगाने की कोशिश कर रही ईरानी नावें शामिल थीं।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना सीजफायर के दौरान संयम बरतते हुए अपने सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।

पहले भी हो चुकी है सैन्य कार्रवाई

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के दौरान पहले भी तनाव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मई की शुरुआत में अमेरिकी सेनाओं ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। आरोप था कि वहां से होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे अमेरिकी युद्धपोतों पर मिसाइल, ड्रोन और छोटी नावों से हमले किए गए थे।

ट्रंप ने यूरेनियम को लेकर दिया बड़ा बयान

इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि ईरान का एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंपा जाएगा या फिर किसी सुरक्षित स्थान पर नष्ट किया जाएगा।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह फैसला ईरान के साथ “संयोजन और सहयोग” के जरिए लिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत जारी है।

शांति समझौते पर चल रही बातचीत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान क्षेत्रीय संघर्ष को रोकने के लिए अमेरिका समर्थित फ्रेमवर्क के तहत अपने हाईली एनरिच्ड यूरेनियम स्टॉक को छोड़ने के लिए सैद्धांतिक रूप से तैयार हो गया है।

इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि तेहरान के साथ होने वाला कोई भी समझौता “महान और सार्थक” होना चाहिए, अन्यथा अमेरिका बातचीत से पीछे हट सकता है।

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