मंदिरों का पैसा सिर्फ धार्मिक कामों पर खर्च होगा, 46 प्रोजेक्ट रद्द

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तमिलनाडु मंदिर प्रोजेक्ट रद्द आदेश और सरकारी फाइलें
तमिलनाडु मंदिर प्रोजेक्ट रद्द आदेश और सरकारी फाइलें

तमिलनाडु : तमिलनाडु की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री थलपति विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार ने पूर्ववर्ती डीएमके सरकार के एक महत्वपूर्ण फैसले को पलटते हुए मंदिर फंड से जुड़े 46 प्रोजेक्ट्स को रद्द कर दिया है। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 245.85 करोड़ रुपये थी।

मंदिर फंड से जुड़े 46 प्रोजेक्ट रद्द

सरकारी आदेश के अनुसार, हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) विभाग के तहत आने वाले मंदिरों के संसाधनों से जुड़े 46 प्रोजेक्ट्स की प्रशासनिक मंजूरी वापस ले ली गई है। इनमें 29 मैरिज हॉल और 17 कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल थे।

इन परियोजनाओं का निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ था, इसलिए सरकार ने इन्हें तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्णय लिया।

मंदिर की संपत्ति केवल धार्मिक कार्यों में उपयोग

सरकार ने स्पष्ट किया है कि मंदिरों की संपत्ति और फंड का उपयोग केवल धार्मिक, आध्यात्मिक और भक्तों की सुविधाओं के लिए किया जाएगा। अब यह राशि मंदिरों के जीर्णोद्धार, सुरक्षा और सेवाओं में खर्च की जाएगी।

हिंदू संगठनों की लंबे समय से मांग

लंबे समय से कई हिंदू संगठनों की मांग रही है कि मंदिरों की आय का उपयोग केवल धार्मिक कार्यों के लिए ही किया जाए। संगठनों ने व्यावसायिक परियोजनाओं में मंदिर फंड के उपयोग का विरोध किया था।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और समर्थन

Edappadi K. Palaniswami ने पहले भी मंदिर फंड के व्यावसायिक उपयोग पर सवाल उठाए थे।

सरकार का कहना है कि यह निर्णय मंदिरों की वित्तीय स्थिरता और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

सोशल मीडिया पर चर्चा

Tamilaga Vettri Kazhagam की सरकार के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों ने इसे मंदिर प्रशासन में सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया है।

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