दिल्ली : दिल्ली के मुंडका से बीजेपी विधायक गजेंद्र द्राल कथित तौर पर अपनी ही पार्टी के दलित मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार से मारपीट के आरोपों को लेकर विवादों में हैं। आरोप है कि सुनील कुमार को घर बुलाकर बंधक बनाया गया, उनके साथ मारपीट की गई और जातिसूचक शब्द कहे गए।
मामले के सामने आने के बाद दिल्ली की सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने विधायक के खिलाफ SC/ST एक्ट सहित उचित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
AAP विधायक कुलदीप कुमार ने उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोपों को गंभीर बताते हुए विधायक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।

कुलदीप कुमार ने सवाल उठाया कि अगर किसी पार्टी का दलित मंडल अध्यक्ष ही विधायक के घर में सुरक्षित नहीं है तो आम दलित कार्यकर्ताओं और दलित समाज की सुरक्षा को लेकर क्या स्थिति है।
उन्होंने कहा कि दलितों के सम्मान और अधिकार से समझौता नहीं होना चाहिए। मामले में SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
उदित राज ने FIR और गिरफ्तारी की मांग की
कांग्रेस नेता उदित राज ने एक्स पर वीडियो संदेश जारी कर मामले में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने दावा किया कि उत्तर-पश्चिम दिल्ली के कंझावला के बीजेपी मंडल अध्यक्ष सुनील कुमार को मुंडका विधायक गजेंद्र द्राल ने अपने कार्यालय में बुलाकर कथित तौर पर मारपीट की।
उदित राज ने कहा कि शिकायत के बावजूद कंझावला थाने में FIR दर्ज नहीं की जा रही है। उन्होंने मांग की कि SC/ST एक्ट सहित उचित धाराओं में तत्काल FIR दर्ज कर आरोपी विधायक को गिरफ्तार किया जाए।
अलका लांबा ने बीजेपी से पूछा सवाल
कांग्रेस नेता अलका लांबा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मामले को लेकर बीजेपी से सवाल किया।
उन्होंने कहा कि अब देखना होगा कि बीजेपी अपने दलित कार्यकर्ता सुनील वाल्मीकि को न्याय दिलाने और अपने विधायक गजेंद्र द्राल के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कराने के लिए आगे आती है या नहीं।
अलका लांबा ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नबीन से थाने जाकर FIR दर्ज कराने का भी सवाल किया।
मामले को लेकर बढ़ी राजनीतिक गर्मी
विधायक गजेंद्र द्राल पर लगाए गए आरोपों को लेकर दिल्ली में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। AAP और कांग्रेस नेताओं ने मामले में पुलिस कार्रवाई और SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है।
फिलहाल पूरे मामले में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई से स्पष्ट होगी। दिल्ली की दलित राजनीति में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


