चंडीगढ़। हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राघव चड्ढा को संसद में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें राज्यसभा की प्रतिष्ठित याचिका समिति का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
राज्यसभा सचिवालय ने जारी की अधिसूचना
राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने समिति का पुनर्गठन किया है। यह पुनर्गठन 20 मई 2026 से प्रभावी माना गया है।
समिति के लिए उच्च सदन के 10 सदस्यों को नामित किया गया है, जिसकी कमान अब राघव चड्ढा के हाथों में होगी।
पिछले महीने छोड़ी थी आम आदमी पार्टी
गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मतभेदों के बाद पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वे पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे।
क्या करती है याचिका समिति?
राज्यसभा की याचिका समिति संसद की महत्वपूर्ण समितियों में मानी जाती है। यह समिति आम लोगों की याचिकाओं और शिकायतों पर विचार करती है तथा सरकार को सुझाव भी देती है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद राघव चड्ढा को इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना पार्टी नेतृत्व के भरोसे को दर्शाता है।
समिति में ये सदस्य भी शामिल
नई समिति में राघव चड्ढा के अलावा हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, जेबी मैथर हिशाम, सुभाषिश खुंटिया, र्वंगवरा नार्जरी और संतोष कुमार पी को भी शामिल किया गया है।
आगामी सत्र में निभा सकते हैं अहम भूमिका
माना जा रहा है कि संसद के आगामी सत्र में यह समिति कई महत्वपूर्ण मामलों और विधेयकों पर सक्रिय भूमिका निभा सकती है। इसी बीच राज्यसभा सचिवालय ने मेनका गुरुस्वामी को कॉरपोरेट लॉज (संशोधन) विधेयक 2026 से जुड़ी संयुक्त समिति का सदस्य भी नामित किया है।


