चंडीगढ़: देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन की लॉन्चिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में हाइड्रोजन ट्रेन को एक डीजल इंजन द्वारा खींचते हुए दिखाया गया है और दावा किया जा रहा है कि उद्घाटन के अगले ही दिन ट्रेन खराब हो गई। हालांकि, भारतीय रेलवे ने इस दावे को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है।
क्या किया जा रहा है दावा?
वायरल वीडियो के साथ दावा किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 जुलाई को हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई हाइड्रोजन ट्रेन अगले ही दिन खराब हो गई और उसे डीजल इंजन के जरिए खींचकर ले जाना पड़ा।
सोशल मीडिया पर इस दावे को बड़ी संख्या में साझा किया गया, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
वीडियो में क्या दिख रहा है?
वायरल क्लिप में एक डीजल इंजन हाइड्रोजन ट्रेन को खींचता नजर आ रहा है। इसी आधार पर कई यूजर्स ने दावा किया कि ट्रेन तकनीकी खराबी का शिकार हो गई है।
हालांकि, वीडियो में ट्रेन को खींचे जाने का कारण नहीं बताया गया, जिससे भ्रामक निष्कर्ष निकाले जाने लगे।
रेलवे ने क्या कहा?
उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ने वायरल दावे का खंडन किया है। रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन जींद और सोनीपत के बीच निर्धारित रूप से किया जा रहा है।
रेलवे ने स्पष्ट किया कि मानक परिचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure) के तहत हाइड्रोजन ट्रेन को मेंटेनेंस या यार्ड तक लाने-ले जाने के लिए लोकोमोटिव इंजन का उपयोग किया जाता है।
वायरल दावा भ्रामक निकला
रेलवे के बयान के मुताबिक, डीजल इंजन द्वारा ट्रेन को खींचे जाने का कारण तकनीकी खराबी नहीं था, बल्कि यह नियमित रखरखाव प्रक्रिया का हिस्सा था। इसलिए ट्रेन के खराब होने का दावा सही नहीं है।
निष्कर्ष
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दावा कि देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन लॉन्चिंग के अगले दिन खराब हो गई, भ्रामक है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन को डीजल इंजन से खींचना मानक मेंटेनेंस प्रक्रिया का हिस्सा था और ट्रेन के संचालन में किसी बड़ी तकनीकी खराबी की पुष्टि नहीं हुई है।


