बाड़मेर। जिले के गिरल लिग्नाइट माइंस में चल रहे मजदूर आंदोलन के बीच मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मजदूरों की मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने विरोध के दौरान खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला।
38 दिनों से जारी है मजदूर आंदोलन
गिरल माइंस में कार्यरत स्थानीय मजदूर पिछले 38 दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि स्थानीय युवाओं और मजदूरों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। रोजगार, परिवहन कार्य में स्थानीय भागीदारी और ठेका व्यवस्था को लेकर मजदूरों में नाराजगी बनी हुई है।
मंगलवार को गिरल धरना स्थल से विधायक रविंद्र सिंह भाटी बड़ी संख्या में मजदूरों, ग्रामीणों और समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। काफिले में शामिल लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
जनसभा में प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन से पहले गिरल गांव में मजदूर आंदोलन जनसभा आयोजित की गई, जिसमें प्रदेशभर से मजदूर संगठनों, किसान संगठनों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि मजदूर किसी भी व्यवस्था की रीढ़ होते हैं और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से शांतिपूर्ण आंदोलन चलने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि वह स्वयं पिछले 14 दिनों से मजदूरों के समर्थन में धरने पर बैठे हैं, लेकिन इसके बावजूद समाधान की दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं हुआ।
प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव
कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने मंच से प्रशासन और सरकार पर मजदूरों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। इसी दौरान उन्होंने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया।
घटना के तुरंत बाद समर्थकों, पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने उन्हें संभाला और स्थिति को बिगड़ने से रोका। मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई राजनीति
हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने गिरल माइंस में काम कर रही कंपनी SMCC को सुरक्षा देने और परिवहन कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
अदालत ने प्रशासन को वैध परिवहन कार्य बाधित नहीं होने देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के आदेश दिए थे। इसके बाद आंदोलन और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
विधायक के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पहले से सतर्क था। शहर के मुख्य मार्गों और प्रमुख चौराहों पर बैरिकेड लगाए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। आंदोलन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
मजदूर संगठनों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
मजदूर संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समर्थकों और स्थानीय लोगों में भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली।


