मंड्या में PF निकासी के नए नियमों के विरोध में श्रमिकों का प्रदर्शन, 4 घंटे काम बंद कर जताई नाराजगी

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मंड्या के गजलगेरे औद्योगिक क्षेत्र में PF निकासी नियमों के विरोध में प्रदर्शन करते फैक्टरी श्रमिक
मंड्या के गजलगेरे औद्योगिक क्षेत्र में PF निकासी नियमों के विरोध में प्रदर्शन करते फैक्टरी श्रमिक

मंड्या: कर्नाटक के मंड्या जिले की मद्दुर तहसील के गजलगेरे गांव में मंगलवार को एक कपड़ा फैक्टरी के श्रमिकों ने भविष्य निधि (PF) निकासी नियमों में संशोधन के विरोध में काम बंद कर प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने केंद्र सरकार से नए नियम वापस लेने और पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल हुए। करीब चार घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर नाराजगी जताई।

राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस रोड रोकने की कोशिश

मंगलवार सुबह करीब 8 बजे गजलगेरे औद्योगिक क्षेत्र स्थित कपड़ा फैक्टरी के श्रमिक परिसर के सामने एकत्र हुए।

इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु-मैसूरु राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस रोड को अवरुद्ध करने की कोशिश की। इस दौरान मजदूर संघ के अध्यक्ष उमेश और पुलिस ने श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया।

समझाने के बाद श्रमिक मान गए और औद्योगिक क्षेत्र की मुख्य सड़क पर प्रदर्शन करने लगे।

पुरानी PF निकासी व्यवस्था बहाल करने की मांग

प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने केंद्र सरकार से PF निकासी नियमों में किए गए संशोधन को जल्द रद्द करने की मांग की।

श्रमिकों का कहना था कि पुरानी व्यवस्था उनके लिए सुविधाजनक थी, जिसके तहत नौकरी छोड़ने के दो महीने बाद वे अपने PF खाते में जमा पूरी राशि निकाल सकते थे।

उनके अनुसार, नए नियमों के कारण अपनी ही बचत निकालने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और विवाह के लिए PF राशि जरूरी

श्रमिकों ने कहा कि PF खाते में जमा राशि उनके लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा है। बीमारी, बच्चों की शिक्षा, विवाह और घर निर्माण जैसे जरूरी कामों के लिए इस राशि की आवश्यकता पड़ती है।

उनका कहना है कि निकासी में देरी होने से जरूरत के समय आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

चार घंटे तक चला विरोध प्रदर्शन

गजलगेरे औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों का प्रदर्शन करीब चार घंटे तक चला। इस दौरान श्रमिकों ने PF निकासी नियमों में संशोधन वापस लेने और पुरानी व्यवस्था जारी रखने की मांग दोहराई।

श्रमिकों ने केंद्र सरकार से नियमों पर पुनर्विचार करने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान मजदूर संघ के अध्यक्ष और पुलिस ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया।

श्रमिकों की प्रमुख मांग भविष्य निधि की पुरानी निकासी व्यवस्था को बहाल करना है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे अपनी जमा राशि का उपयोग कर सकें।

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