जयपुर। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया है कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बेचा जा रहा था और इसका नेटवर्क हरियाणा, राजस्थान से लेकर उत्तराखंड तक फैला हुआ था। कई गिरफ्तारियों के बाद अब जांच एजेंसियां पूरे पेपर लीक सिंडिकेट की जांच में जुटी हुई हैं।
कांग्रेस ने लगाया भाजपा नेता होने का आरोप
नीट पेपर लीक मामले में राजस्थान से गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिंवाल को लेकर कांग्रेस ने बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस पार्टी का दावा है कि दिनेश बिंवाल भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा हुआ है।
अशोक गहलोत ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए यही दावा किया। कुछ पोस्टर भी सामने आए हैं, जिनमें दिनेश बिंवाल की तस्वीर के साथ उसे भाजपा नेता बताया गया है। हालांकि, इस मामले में अभी तक Bharatiya Janata Party की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर साझा किए पोस्टर
कांग्रेस पार्टी ने दिनेश बिंवाल की तस्वीरें और पोस्टर साझा करते हुए आरोप लगाया कि वह पेपर लीक नेटवर्क में शामिल था। पार्टी ने दावा किया कि उसने 30 लाख रुपये में NEET 2026 का पेपर खरीदा और बाद में कई लोगों को लाखों रुपये में बेचा। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पेपर सोशल मीडिया ग्रुपों में फॉरवर्ड किया गया और इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ।

अशोक गहलोत ने उठाए सवाल
अशोक गहलोत ने एक पोस्टर और अखबार की कटिंग साझा करते हुए लिखा कि गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिंवाल भाजपा का पदाधिकारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसी वजह से मामले को दबाने की कोशिश की गई। गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार ने शुरुआत में पेपर लीक मामले में एफआईआर दर्ज करने में देरी की।
कौन है दिनेश बिंवाल?
जांच एजेंसियों के अनुसार, दिनेश बिंवाल और उसके भाई मांगीलाल को जयपुर के पास जामवा रामगढ़ क्षेत्र से पकड़ा गया है। कांग्रेस की ओर से साझा किए गए एक पोस्टर में दिनेश बिंवाल के नाम के नीचे “भाजयुमो जिला मंत्री, जयपुर देहात” लिखा हुआ दिखाई दिया। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
क्या हैं आरोप?
जांच में सामने आया है कि दिनेश बिंवाल पर 26 और 27 अप्रैल को करीब 30 लाख रुपये में पेपर खरीदने का आरोप है। बताया जा रहा है कि उसके परिवार का एक सदस्य NEET की तैयारी कर रहा था। आरोप है कि पेपर खरीदने के बाद इसे अन्य लोगों को भी बेचा गया। अब मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों के स्तर पर जारी है और पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।


