नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान राजधानी दिल्ली में तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। मार्च शुरू होने से पहले पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर के पास खड़े पत्थरों से भरे ट्रक और एक क्षतिग्रस्त वैन को लेकर दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं, प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की तथा लाठीचार्ज की भी खबरें सामने आईं।
पत्थरों से भरे ट्रक को लेकर उठाए सवाल
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि जंतर-मंतर के पास पत्थरों से भरा ट्रक खड़ा किया गया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कहीं इसका इस्तेमाल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को फंसाने या हिंसा का माहौल बनाने के लिए तो नहीं किया जा रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल के आसपास की गतिविधियां संदेह पैदा करती हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

टूटी वैन को लेकर भी लगाया आरोप
दीपके ने एक अन्य वीडियो साझा कर दावा किया कि प्रदर्शन स्थल के निकट एक क्षतिग्रस्त वैन पहले से खड़ी की गई है। उनका आरोप था कि बाद में प्रदर्शनकारियों पर तोड़फोड़ का आरोप लगाने के लिए इस वाहन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि, इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
क्या है प्रदर्शन की मांग?
कॉकरोच जनता पार्टी ने कथित नीट परीक्षा अनियमितताओं के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद मार्च का आह्वान किया था।

दिल्ली पुलिस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि मार्च के लिए न तो अनुमति मांगी गई थी और न ही दी गई थी। इसके मद्देनजर जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव
सुबह से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर एकत्रित होने लगे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन बाद में कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया।

संसद मार्ग पर सुरक्षा कड़ी
पुलिस ने संसद की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी थी। बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई और संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ा दी गई।
सोनम वांगचुक का मुद्दा भी चर्चा में
इसी बीच, पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन भी चर्चा का विषय बना रहा। वांगचुक को स्वास्थ्य कारणों के चलते दिल्ली पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाया गया था। उनके समर्थकों ने इस मुद्दे को भी प्रदर्शन के दौरान उठाया।
फिलहाल, संसद मार्च और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक तथा सामाजिक हलकों में चर्चा जारी है। वहीं, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।


