हैदराबाद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से पेट्रोल, डीजल और गैस का संयमित इस्तेमाल करने की अपील की है। हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार किया जाना चाहिए।
पश्चिम एशिया संकट के बीच आई अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल जैसी चीजों का बहुत संयम से उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में भी मदद मिलेगी।
यह अपील ऐसे समय में आई है जब अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई प्रभावित होने की वजह से वैश्विक ऊर्जा संकट की स्थिति बनी हुई है। तेल कंपनियों को सस्ता पेट्रोल और डीजल बेचने से रोजाना भारी नुकसान होने की भी चर्चा है।
ऊर्जा संकट से निपटने के लिए सरकार का फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत सौर ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हुआ है। साथ ही पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण के क्षेत्र में भी तेजी से काम हुआ है।
उन्होंने बताया कि सरकार पहले देश में शत-प्रतिशत एलपीजी कवरेज पर केंद्रित थी और अब पाइपलाइन के जरिए सस्ती गैस आपूर्ति तथा सीएनजी के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
तेलंगाना में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना में करीब 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में तेलंगाना का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क दोगुना हो गया है।
उन्होंने कहा कि 2014 से पहले अविभाजित आंध्र प्रदेश के लिए रेलवे बजट 1,000 करोड़ रुपये से कम था, जबकि अब केवल तेलंगाना के लिए रेलवे बजट 5,500 करोड़ रुपये पहुंच चुका है। राज्य में करीब 50 हजार करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर काम जारी है।
रेवंत रेड्डी से साथ मिलकर काम करने की अपील
कार्यक्रम में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि विकास कार्यों में राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्यों और केंद्र को मिलकर काम करना चाहिए, क्योंकि राज्यों के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है।


