मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को दिल्ली की सत्ता की राजनीति से सावधान रहने की सलाह दी है। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया कि तमिलनाडु में ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन हुआ है, लेकिन नई सरकार के सामने कई बड़ी चुनौतियां भी मौजूद हैं।
संपादकीय में कहा गया कि विजय की पार्टी टीवीके ने डीएमके और एआईएडीएमके के लंबे राजनीतिक वर्चस्व को तोड़ते हुए सत्ता हासिल की है। हालांकि सरकार का बहुमत मामूली है, इसलिए राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना आसान नहीं होगा।
‘दिल्ली की सत्ता की उठापटक से रहें सतर्क’
संपादकीय में कहा गया कि केंद्र की राजनीति और दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के प्रभाव को देखते हुए विजय सरकार को बेहद सतर्क रहने की जरूरत होगी।
इसी संदर्भ में विजय का उल्लेख करते हुए कहा गया कि जनता अब यह देखना चाहती है कि वे आम आदमी की अपनी छवि को शासन में कितना कायम रख पाते हैं।
शपथ समारोह और राष्ट्रवाद का जिक्र
‘सामना’ में लिखा गया कि विजय के शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रवाद की झलक स्पष्ट दिखाई दी। समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ से हुई, उसके बाद राष्ट्रगान और फिर तमिलनाडु राज्य गीत प्रस्तुत किया गया।
संपादकीय के अनुसार यह क्रम राष्ट्रीय भावना को प्राथमिकता देने वाला संदेश देता नजर आया।
महिला सुरक्षा और ड्रग्स पर फैसलों की चर्चा
शिवसेना (यूबीटी) ने अपने संपादकीय में विजय सरकार के शुरुआती फैसलों का भी उल्लेख किया। इसमें महिला सुरक्षा के लिए अलग विंग बनाने और नशीले पदार्थों के नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्णय को प्रमुख बताया गया।
साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने के फैसले का भी जिक्र किया गया।
इस पैराग्राफ में Shiv Sena (UBT) का उल्लेख प्रमुख रहा।
DMK और कांग्रेस को लेकर भी टिप्पणी
संपादकीय में दावा किया गया कि कांग्रेस के समर्थन से विजय सरकार बनने के बाद डीएमके में नाराजगी बढ़ी है। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन द्वारा नई सरकार को शुभकामनाएं देने को राजनीतिक शालीनता बताया गया।
उद्धव ठाकरे गुट ने स्टालिन को भाजपा से दूरी बनाए रखने की सलाह भी दी और कहा कि उन्हें राज्य और देशहित में किसी राजनीतिक ‘जाल’ से बचना चाहिए।
विजय की सादगी का भी जिक्र
‘सामना’ में लिखा गया कि विजय ने खुद को आम आदमी बताते हुए तमिलनाडु के आठ करोड़ लोगों को अपना परिवार कहा। संपादकीय के अनुसार मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों और विधायकों को भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धन की लूट को लेकर सख्त चेतावनी भी दी है।


